जिला परिषद् अध्यक्ष पद पर कुमारी शीला की ताजपोशी लगभग तय

By: Jun 9th, 2026 12:02 am

एससी महिला आरक्षित सीट पर भाजपा समर्थित सदस्य सबसे आगे, उपाध्यक्ष पद पर जारी मंथन

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-सोलन
सोलन जिला परिषद् के अध्यक्ष पद पर डांगरी वार्ड से विजयी कुमारी शीला की ताजपोशी को लगभग तय माना जा रहा है। कुमारी शीला भाजपा समर्थित हैं। प्रदेश सरकार ने इस बार अध्यक्ष पद को एससी महिला के लिए रिजर्व रखा है। भाजपा के तीन सदस्य एससी महिला वार्ड से जीत कर आए हैं तथा उनमें कुमारी शीला सबसे अधिक प्रभावशाली बताई जा रही हैं। वह पहले भी जिला परिषद् अध्यक्ष रह चुकी हैं तथा उन्होंने सोलन निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर चुनाव भी लड़ा है। राजनैतिक प्रभाव व आलाकमान की दृष्टि से भी कुमारी शीला इस हॉट सीट पर सबसे आगे चल रही हैं। जिला परिषद् के उपाध्यक्ष पद के लिए अभी भी पेंच फंसा हुआ है तथा भाजपा शीर्षस्थ नेताओं में इस पर व्यापक मंथन चल रहा है। सूत्रों के अनुसार एक-एक करके सभी निर्वाचित सदस्यों की दृरभाष व अन्य स्रोतों से अलग-अलग नब्ज़ टटोली जा रही है। जिला परिषद् सोलन के कुल 17 वार्डों में से दस वार्डों में भाजपा समर्थित सदस्य निर्वाचित हुए हैं। कांग्रेस के पांच व दो निर्दलीय सदस्यों ने जीत दर्ज की है। आंकड़ों के हिसाब से भाजपा का अध्यक्ष पद पर कब्जा होना तय माना जा रहा है।

जिला परिषद् के संपन्न चुनाव में कुल चार वार्ड ऐसे हैं, जिनमें अनुसूचित जाति महिला आरक्षित सीटों पर परिणाम आया है। इसमें डांगरी वार्ड, चेवा, दाड़वा व खेड़ा वार्ड शामिल हैं। नतीजों के मुताबिक डांगरी वार्ड से भाजपा समर्थित कुमारी शीला, चेवा वार्ड से श्रीमति सुमन लता व दाड़वा वार्ड से भाजपा की स्नेहलता और खेड़ा वार्ड से कांग्रेस समर्थित परविंदर कौर जीतकर आई हैं। भाजपा के पक्ष में पूर्ण बहुमत का आंकड़ा है। अत: अब अध्यक्ष पद के लिए मुख्यत: डांगरी, चेवा व दाड़वा वार्ड से विजयी होकर आई प्रत्याशियों के बीच में से चयन किया जाएगा। राजनैतिक गलियारों में कुमारी शीला के पक्ष में एक बात और भी मानी जा रही है। सोलन निर्वाच क्षेत्र में बीते करीब 13 वर्षों से कांग्रेस का कब्जा है। इसके साथ-साथ भाजपा यह भी रणनीति बना रही है कि कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री को सोलन में कैसे काउंटर किया जाए। आगामी विधानसभा चुनाव की आहट को देखते हुए भी भाजपा के टार्गेट पर सोलन निर्वाचन क्षेत्र है तथा इसलिए विकास करवाने की मंशा को देखते हुए भी जिला परिषद् अध्यक्ष पद को सोलन को सौंपने की रणनीति पर विचार हो रहा है।

उपाध्यक्ष पद पर क्षेत्रीय संतुलन साधने की तैयारी

जिला परिषद् सोलन का एक रोचक पहलू यह भी है कि जिले के कुल पांच निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्येक में भाजपा के दो-दो सदस्य निर्वाचित हुए हैं। तराई वाले क्षेत्र में दो व ऊपर वाले क्षेत्र में तीन निर्वाचन क्षेत्र हैं। पार्टी में इस पर व्यापक मंथन चल रहा है कि बगावत के सुर रोकने के लिए उपाध्यक्ष का पद तराई वाले क्षेत्र को दिया जा सकता है। वैसे उपाध्यक्ष पद की दौड़ में तीन बार निर्वाचित जिला परिषद् के डुमैहर (अर्की) से आशा परिहार का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App