उद्धव ठाकरे की पार्टी टूटी, नौ में से छह सांसद बागी, संजय राउत ने बागियों को दी गाली, केंद्र सरकार पर हमला

By: Jun 18th, 2026 12:01 am

संजय राउत ने प्रेस कान्फ्रेंस में बागियों को दी गाली, केंद्र सरकार पर हमला

शिवसेना से पहले आप-टीएमसी के 27 सांसद बागी हुए, सपा में भी टूट की अटकलें

एजेंसियां — मुंबई

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से छह सांसदों ने बगावत कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, छह सांसदों ने बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिंदे गुट में विलय के लिए चि_ी भेजी। हालांकि, अभी स्पीकर या बागी गुट की तरफ इसकी पुष्टि नहीं की गई है। बागी सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल शामिल हैं। इसी बीच दिल्ली में राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गालियां तक निकाल दीं। राउत ने कहा कि ये साले …के। ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। राउत ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि मराठी में ऐसे शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं। राउत ने दावा किया कि बागी सांसदों को 50-50 करोड़ रुपए ऑफर हुए हैं। राउत ने कहा कि मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपए पहुंचाए गए हैं और उन्हें तीन चार्टर्ड विमानों से दिल्ली लाया गया है। राउत की प्रेस कान्फ्रेंस में शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से सिर्फ तीन सांसद, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत मौजूद रहे। राउत ने कहा कि बाकी सांसदों को खुद सामने आकर अटकलों का खंडन करना चाहिए। संजय राउत ने बताया कि संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने सभी सांसदों को गुरुवार सुबह 11 बजे होने वाली बैठक में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। सांसद शिवसेना (यूबीटी) के चुनाव चिह्न और उद्धव ठाकरे के नाम पर चुने गए हैं।

उन्हें पार्टी के साथ विश्वासघात करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बार लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसका जवाब मिलेगा। इस दौरान संजय राउत ने लोकसभा में परिसीमन बिल गिरने के कारण भाजपा पर विपक्षी दलों को तोडऩे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर परिसीमन बिल पास नहीं हुआ तो क्या देश पर आसमान टूट पड़ेगा? सभी दलों की सहमति बनने के बाद इसे फिर लाया जा सकता था। बिल पारित नहीं होने के बाद भाजपा जिस तरह की राजनीतिक गतिविधियां कर रही है, वह बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष को कमजोर करने के लिए दल-बदल को बढ़ावा दे रही है। बता दें कि शिवसेना में चार साल में यह दूसरी बड़ी टूट है। जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना का अलग गुट बनाया था। बता दें कि पिछले तीन महीने के दौरान विपक्षी गुट के 27 सांसदों ने अपनी पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा या एनडीए को समर्थन दिया है। इनमें सात आप के राज्यसभा सांसद और 20 टीएमसी के लोकसभा सांसद हैं।

उधर, शिवसेना (यूबीटी) में टूट की अटकलों के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी चीफ और यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है और पार्टी के कई नेता भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के 25 से 26 सांसद वर्तमान में पाला बदलने और पार्टी तोडऩे के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं। टीएमसी और शिवसेना में हुई टूट का उदाहरण देते हुए उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा फिलहाल उनकी पार्टी को खुद नहीं तोड़ रही है, बल्कि साल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव तक ये नेता अपने आप ही टूटकर चले जाएंगे।सपा चीफ अखिलेश यादव ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सपा मजबूत और एकजुट है। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के अपने विधायक पाला बदलने वाले हैं।


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