समय के साथ शरीर कम लचीला क्यों हो जाता है, जानिए कारण व राहत के उपाय…
आपने नोटिस किया होगा कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे शरीर की मांसपेशियां अधिक स्टिफ होती चली जाती हैं और चलने-फिरने में दिक्कतें आने लगती हैं। यहां तक कि शरीर का लचीलापन भी कम हो जाता है। बढ़ती उम्र में शरीर का लचीलापन कम होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसके मुख्य कारणों में मांसपेशियों में नमी की कमी, हड्डियों को जोडऩे वाले ऊतकों में बदलाव, जोड़ों के तरल का सूखना और उम्र के साथ कोलेजन टीन का उत्पादन कम होना शामिल है। आखिर समय के साथ शरीर का लचीलापन कम क्यों हो जाता है और इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं? आइए जानते हैं।
कोलेजन में कमी
अधिक उम्र के साथ शरीर अपना लचीलापन खो देता है। वास्तव में हमारे शरीर के टेंडन्स और लिगामेंट्स कोलेजन नाम के प्रोटीन से बनते हैं। कोलेजन ही इन्हें लचीला और खिंचावदार बनाए रखता है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कोलेजन प्रोडक्शन धीमा हो जाता है। इसकी वजह से शरीर की इलास्टिसिटी पर असर पडऩे लगता है। ऐसे में आप अधिक उम्र में मांसपेशियों में जकडऩ, स्टिफनेस जैसी समस्या महसूस करते हैं। कुछ लोगों को तो जोड़ों को मोडऩे में भी कठिनाई होने लगती है।
ल्यूब्रिकेंट की कमी
हमारे जोड़ों के बीच में साइनोवियल फ्लूइड नाम का एक प्राकृतिक तरल पदार्थ होता है। इसे सरल भाषा में समझें तो यह हमारी हड्डियों को फ्लेक्सिबल बनाए रखने के लिए इंजन ऑयल की तरह काम करता है। यही हमारी हड्डियों को आपस में रगड़ खाने से बचाता है। उम्र बढऩे के साथ इस फ्लूइड के प्रोडक्शन में भी कमी आने लगती है, जिस वजह से ल्यूब्रिकेशन कम हो जाता है। जोड़ों में सूखापन आने के कारण उठने-बैठने या मोडऩे पर जोड़ों में अकडऩ और दर्द महसूस होने लगता है।
मांसपेशियों का नुकसान
वैसे तो आज की तारीख में ज्यादातर युवा डेस्क जॉब करते हैं। जब आप घंटों एक ही सीट पर बैठकर काम करते हैं, तो मांसपेशियां अपने आप कमजोर हो जाती हैं। वहीं, बढ़ती उम्र के साथ भी मांसपेशियों में स्टिफनेस बढ़ जाती है। दरअसल एक उम्र के बाद शरीर में मांसपेशियों का घनत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है और इसकी जगह फैट टिश्यूज बढऩे लगते हैं। स्वाभाविक रूप से मांसपेशियों के कमजोर होने के कारण जोड़ों पर दबाव बढऩे लगता है और गति धीमी हो जाती है। नतीजतन शरीर का लचीलापन भी कम होने लगता है।
शरीर का लचीलापन कैसे बढ़ाएं
मांसपेशियों की अकडऩ दूर करने के लिए रोजाना सुबह-शाम 10 मिनट की वॉक करें या फुल बॉडी स्ट्रेचिंग करें। जोड़ों की मूवमेंट में सुधार करने तथा लचीलापन बढ़ाने के लिए योगासन की मदद ले सकते हैं। टेंडन्स और मांसपेशियों की स्टिफनेस कम करने के लिए दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। अगर आपकी डेस्क जॉब है, तो हर एक घंटे में सीट से उठकर 2 मिनट की वॉक या स्ट्रेच करें। मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए रेगुलर वर्कआउट करें और फिजिकली एक्टिव रहें।
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