खुले में बिक रहे फास्ट फूड पर नहीं लग रही लगाम, संकट में सेहत
सिरमौर में रेहड़ी-फड़ी कारोबारियों की चांदी, मिलावटी दूध और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-नाहन
भीषण गर्मी के बीच सिरमौर जिला में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों और मिलावटी दूध को लेकर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। नाहन, पांवटा साहिब और औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में शाम ढलते ही बड़ी संख्या में रेहड़ी-फड़ी पर चाट, टिक्की, मोमो, चाऊमिन, बर्गर और गोलगप्पों के स्टॉल सज जाते हैं। इनमें से कई विक्रेता बिना खाद्य सुरक्षा प्रमाणन के कारोबार कर रहे हैं। जिला मुख्यालय नाहन के चौगान क्षेत्र सहित कई स्थानों पर फास्ट फूड स्टॉलों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। वहीं हरियाणा से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर दूध दोपहिया वाहनों के माध्यम से क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूध की गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं होने से मिलावटी दूध का कारोबार भी फल-फूल रहा है।
जानकारी के अनुसार विभाग के पास मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन उपलब्ध है, लेकिन इसका सीमित उपयोग हो रहा है। वहीं दूध की जांच के लिए प्रयुक्त मिल्कोस्कैन मशीन भी लंबे समय से खराब बताई जा रही है। ऐसे में खाद्य पदार्थों और दूध की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका कश्यप ने बताया कि विभाग नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चलाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को भी जागरूक रहना चाहिए और मिलावटी या बासी खाद्य पदार्थों की शिकायत तुरंत विभाग को देनी चाहिए, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
जांच में खाद्य पदार्थों के आठ सैंपल फेल
सहायक आयुक्त फूड सेफ्टी सिरमौर अरुण चौहान ने बताया कि विभाग समय-समय पर व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करता है। हाल ही में लिए गए खाद्य नमूनों में आठ सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिनके संबंध में संबंधित व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि खुले में खाद्य पदार्थ बेचने वाले व्यापारियों को उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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