करुणामूलक मामलों पर कार्रवाई शुरू, पीडब्ल्यूडी के प्रदेश मुख्यालय से फील्ड अधिकारियों को जारी हुए दिशा-निर्देश

By: Jul 7th, 2026 12:05 am

वरिष्ठ संवाददाता — शिमला

करूणामूलक रोजगार से जुड़े मामलों में राज्य सरकार के फैसले पर लोक निर्माण विभाग में तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी हो गए हैं। इसके तहत आर्थिक आधार पर खारिज हुए करुणामूलकों के मामलों की दोबारा समीक्षा विभाग करेगा। पीडब्लयूडी में इस तरह के 60 से अधिक मामले हैं। बहरहाल इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से जारी आदेशों पर विभाग में कार्रवाई आरंभ हो गई है। उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग ने पहली जुलाई को आर्थिक आधार पर खारिज हुए करुणामूलकों के मामलों पर समीक्षा करने के आदेश जारी किए थे, जिसमें कहा गया था कि जिन करुणामूलक रोजगार मामलों को पहले केवल परिवार की आर्थिक स्थिति पर्याप्त होने के आधार पर अस्वीकार किया गया था, उनकी एक बार विशेष अभियान के तहत दोबारा समीक्षा की जाएगी। समीक्षा वर्तमान आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर की जाएगी। जिस पर आगामी कार्रवाई करते हुए अभियंता प्रमुख (इंजीनियर-इन-चीफ) कार्यालय की ओर से सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं तथा संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि पात्र आश्रितों को 31 दिसंबर, 2026 तक पुनर्विचार के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन मिलने के बाद संबंधित विभाग को एक माह के भीतर निर्णय लेना होगा। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि यह राहत केवल उन्हीं मामलों के लिए है, जिन्हें पहले आर्थिक मानदंड पूरे नहीं होने के कारण खारिज किया गया था। अन्य कारणों से अस्वीकृत मामलों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। बहरहाल विभाग ने सभी अधिकारियों को वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के साथ-साथ आदेशों को विभागीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उधर, पता चला है कि लोक निर्माण विभाग के तहत आर्थिक आधार पर खारिज किए गए मामलों की संख्या 69 के आसपास है। लिहाजा सरकार की ओर से प्रदान की राहत के बाद अब इन सभी को करुणामूलक रोजगार हेतु किए आवेदन
की समीक्षा के लिए आवेदन
करना होगा।


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