333 सडक़ हादसों में पीडि़तों का कैशलेस इलाज, पीएम राहत योजना शुरू, जानिए कैसे लें योजना का लाभ

By: Jul 28th, 2026 12:45 am

हिमाचल में पीएम राहत योजना शुरू, पहली मार्च से 22 जुलाई 2026 तक घायलों को मिला लाभ

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

हिमाचल प्रदेश में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट योजना के तहत सडक़ दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित और कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। एक मार्च 2026 से 22 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश में 333 सडक़ दुर्घटना पीडि़तों को इस योजना का लाभ मिला। सबसे अधिक 128 पीडि़तों का उपचार एम्स बिलासपुर में हुआ, जबकि लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज एवं अस्पताल, नेरचौक (मंडी) में 125 घायलों का कैशलेस इलाज किया गया। इस योजना के तहत सडक़ दुर्घटना में घायल प्रत्येक पात्र व्यक्ति को अधिकतम सात दिनों तक 1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद के गोल्डन ऑवर में तुरंत चिकित्सा सुविधा देकर जान बचाना और मृत्यु दर को कम करना है।

हिमाचल प्रदेश में इस योजना का संचालन हिमाचल प्रदेश पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, परिवहन विभाग तथा सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के संयुक्त समन्वय से किया जा रहा है। इसके लिए ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट और ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि घायल व्यक्ति या उसके परिजनों को इलाज शुरू कराने से पहले किसी भी प्रकार की पुलिस या कानूनी औपचारिकता पूरी करने की आवश्यकता नहीं होती। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पहली मार्च से 22 जुलाई 2026 के बीच 333 पात्र सडक़ दुर्घटना पीडि़तों को योजना के तहत स्वीकृति दी गई। इस दौरान हिमाचल प्रदेश पुलिस ने 98 प्रतिशत पुलिस रिस्पॉन्स रेट दर्ज किया, जो मामलों के त्वरित निस्तारण और प्रभावी समन्वय को दर्शाता है।

जनता से अपील

सरकार ने आम जनता, अस्पतालों और सभी संबंधित विभागों से अपील की है कि प्रत्येक पात्र सडक़ दुर्घटना पीडि़त को समय पर पीएम राहत योजना से जोड़ा जाए, ताकि बिना आर्थिक बोझ, बिना देरी और बिना कानूनी डर के जीवनरक्षक उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

ऐसे लें योजना का लाभ

सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तुरंत निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल पहुंचाएं। दुर्घटना की सूचना 112, नजदीकी पुलिस थाना या अस्पताल को दें। अस्पताल टीएमएस 2.0 पर पंजीकरण करेगा और पुलिस ई-डार प्रक्रिया पूरी करेगी। पात्र पाए जाने पर घायल को 1.5 लाख तक सात दिन का कैशलेस उपचार बिना किसी अग्रिम भुगतान के मिलेगा।


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