14 कोसी मार्ग पर होता था राम मंदिर चढ़ावा चोरी का बंटवारा, आरोपी अविनाश का कबूलनामा

By: Jul 4th, 2026 12:01 am

रिमांड पर लिए गए आरोपी अविनाश का कबूलनामा, सभी आरोपी होते थे इकट्ठा

एजेंसियां — अयोध्या

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में रिमांड में पूछताछ के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला ने कई नए खुलासे किए। बताया जा रहा है कि अविनाश शुक्ला ने कबूल किया कि चढ़ावा चोरी का बंटवारा होता है। बंटरवारा 14 कोसी मार्ग पर होता था। यहीं सभी आरोपी आते थे। चर्चा है कि इस कबूलनामे के बाद पुलिस अविनाश को मौके पर ले गई और मौके से कुछ सामान की बरामदगी की है। पुलिस ले अविनाश की कार भी जब्त कर ली है। हालांकि इस संबंध में पुलिस ने कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की है। दरअसल, चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, मनीष कुमार यादव (टिन्नू का भतीजा), करुणेश पांडेय, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

सभी से पूछताछ की जा रही है। बता दें कि राममंदिर चढ़ावा चोरी में सबसे अधिक शातिर अविनाश शुक्ला को बताया जा रहा है, क्योंकि चढ़ावा चोरी में उसके पास सबसे ज्यादा रकम बरामद हुई है। वहीं रामशंकर यादव टिन्नू के पास से लगभग उसी के बराबर रकम बरामद हुई है। सूत्रों के अनुसार राममंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों में अविनाश शुक्ला के पास से 20 लाख, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16 लाख, करुणेश पांडेय के पास से 18 लाख, लवकुश मिश्रा के पास से 14 लाख 32 हजार, मनीष यादव के पास से दो लाख रुपए बरामद हुए है। रामशंकर मिश्रा के पास से करीब सात लाख व रामशंकर यादव टिन्नू के पास से करीब 20 लाख की रकम बरामद हुई है। आरोपियों के पास से यूएस डालर भी बरामद हुए हैं। अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान गणना के दौरान चोरी व गबन की बात को स्वीकार किया है। उसका दावा है कि चोरी पकड़े जाने के बाद उसने शेष रकम ट्रस्ट को दे दी थी, जिसके बाद ट्रस्ट ने आरोपियों की निशानदेही पर चढ़ावा चोरी की रकम व आभूषणों को जब्त कर लिया था।

पिछले पांच साल के खातों का री-ऑडिट करेगी एसआईटी

राम मंदिर दान चोरी मामले में एसआईटी ने अपनी जांच का दायर बढ़ा दिया है। एसआईटी अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के खातों का फिर से ऑडिट करेगा, क्योंकि प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का संकेत मिला है। पुन: ऑडिट में निर्माण-संबंधी व्यय के साथ-साथ दान के रूप में प्राप्त आभूषण और सोने तथा चांदी की अन्य वस्तुओं को भी शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए कथित गबन के सबूतों के बाद एसआईटी पूरे पांच साल के ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी।


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