E-Challan Scam : फर्जी ई-चालान के SMS भेज रहे साइबर ठग, जानिए कैसे करें इन मैसेज की पहचान

By: Jul 5th, 2026 7:47 pm

लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे शातिर

साइबर सैल ने जारी की ठगों से बचने को एडवाइजरी

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए फर्जी ई-चालान के मैसेज भेज रहे हैं। फर्जी ई-चालान का ये स्कैम न केवल आम लोगों को भ्रमित कर रहा है, बल्कि उनके बैंक खातों और निजी डेटा को भी खतरे में डाल रहा है। ये फर्जी मैसेज दिखने में बिल्कुल असली ई-चालान जैसा होता है, जिससे कई लोग धोखा खा जाते हैं। आज की डिजिटल दुनिया में जहां टेक्नोलॉजी ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है, वहीं इसका फायदा उठाकर साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। फर्जी ई-चालान साइबर फ्रॉड का एक नया तरीका है। ई-चालान सिस्टम भारत सरकार का एक आधिकारिक तंत्र है जो ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर ड्राइवर को डिजिटल रूप से चालान भेजता है। लेकिन अब साइबर ठग इस सिस्टम की नकल करके फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। साइबर सैल शिमला की ओर से साइबर ठगों द्वारा भेजे जा रहे फर्जी लिंक से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।

इन मैसेज में लिखा होता है कि आपकी गाड़ी पर चालान कटा है, जिसमें एक लिंक भी दिया होता है जैसे पे नाओ या क्लिक टू व्यू चालान। जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करते हैं, आप एक नकली वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं जो असली सरकारी वेबसाइट जैसी ही होती है। इसके बाद आपसे वाहन नंबर, मोबाइल या बैंक डिटेल मांगी जाती है और वहीं से आपकी निजी जानकारी चोरी हो जाती है। इस तरह के स्कैम इसलिए बढ़ते जा रहे हैं क्योंकि लोग ट्रैफिक नियम उल्लंघन को लेकर असमंजस में रहते हैं। ई-चालान की असली वेबसाइट से मिलती-जुलती नकली साइट बनाना अब आसान हो गया है। लोग जल्दी से जल्दी चालान भरकर मामला खत्म करना चाहते हैं, जिससे बिना जांचे-परखे लिंक पर क्लिक कर देते हैं। सोशल मीडिया और स्रूस् चैनलों के माध्यम से ये स्कैम तेजी से फैल रहा है।

ऐसे करें फर्जी ई-चालान मैसेज की पहचानें

संदिग्ध लिंक- सरकारी वेबसाइट का असली डोमेन है ई-चालानडॉटपरिवहनडॉटजीओवीडॉटइन। कोई भी अलग यूआरएल स्पेलिंग में फर्क हो तो अलर्ट हो जाएं। भाषा की गलतियां- फर्जी मैसेज में अक्सर शब्दों की अशुद्धियां होती हैं। साइबर ठग जल्दी भुगतान का दबाव तुरंत भुगतान करें नहीं तो जुर्माना बढ़ेगा जैसी भाषा का उपयोग करते हैं, इससे सतर्क रहें। असली ई-चालान में ओटीपी या बैंक डिटेल नहीं मांगी जाती। फोन कॉल और एसएमएस, व्हटसएप मैसेज द्वारा धमकी अगर कोई व्यक्ति चालान न भरने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दे, तो वह फर्जी है।

ऐसे करें ई-चालान स्कैम से बचाव

साइबर सैल की ऐडवाइजरी में बताया है कि हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से ही जांच करें- अपने वाहन का चालान स्टेटस देखने के लिए सिर्फ https://echallan.parivahan.gov.in या राज्य की ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें। कोई भी लिंक बिना जांचे न खोलें- किसी भी अनजान एसएमएस, व्हाट्सएप या ईमेल लिंक पर क्लिक करने से बचें। फोन में एंटी-वायरस रखें मोबाइल में सिक्योरिटी एप्स रखें जो फिशिंग साइट्स को ब्लॉक कर सकें। सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर न करें अपनी गाड़ी की जानकारी, नंबर प्लेट या चालान डिटेल सोशल मीडिया पर शेयर न करें। संशय होने पर ट्रैफिक हेल्पलाइन से संपर्क करें, अपने क्षेत्र की ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन या नजदीकी थाने से जानकारी लें। इसके अलावा अगर आप गलती से किसी फर्जी चालान लिंक पर क्लिक कर चुके हैं या बैंक की जानकारी साझा कर दी है, तो तुरंत अपने बैंक को तुरंत सूचित करें और कार्ड को ब्लॉक कराएं। साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 पर शिकायत करें।

—-अमन वर्मा


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