सभी टेस्ट पास करने के बाद ही सडक़ पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, डिप्टी सीएम बोले, चार नए ई-डिपो भी जल्द शुरू होंगे

By: Jul 17th, 2026 12:07 am

कार्यालय संवाददाता — शिमला

हिमाचल पथ परिवहन निगम ने नई इलेक्ट्रिक बसों की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित तकनीकी मानकों पर पूरी तरह खरी उतरे बिना कोई भी नई इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों की सेवा में नहीं उतारी जाएंगी। यह निर्णय गुरुवार को उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में आयोजित एचआरटीसी निदेशक मंडल की 163वीं बैठक में लिया गया। बैठक में निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, निदेशक मंडल के सदस्य, अतिरिक्त सचिव परिवहन ओंकार चंद शर्मा, प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल तथा निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश सरकार चरणबद्ध तरीके से 297 नई इलेक्ट्रिक बसों को एचआरटीसी के बेड़े में शामिल कर रही है।

पहले 150 इलेक्ट्रिक बसें उन नौ डिपो को आबंटित की जाएंगी, जहां चार्जिंग स्टेशन पहले से स्थापित हैं। हालांकि इन बसों को अंतिम तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद ही यात्रियों की सेवा में लगाया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में चार नए ई-डिपो भी जल्द शुरू किए जाएंगे। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होते ही इलेक्ट्रिक बसें लोगों की सेवा में समर्पित कर दी जाएंगी।

टायरों की कमी से नाराज

उपमुख्यमंत्री ने निगम की बसों में टायरों की कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी बस का संचालन टायर, स्पेयर पाट्र्स या अन्य आवश्यक सामग्री के अभाव में प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था भी पहले से तैयार रखी जाए

50 नई बैटरियों को मंजूरी

निदेशक मंडल ने निगम के बेड़े में पहले से संचालित इलेक्ट्रिक बसों के लिए 50 नई बैटरियां खरीदने की मंजूरी भी दी। इसके साथ संबंधित कंपनी के साथ वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध (एएमसी) किया जाएगा, जिसके तहत बैटरियों और अन्य तकनीकी रखरखाव की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। इससे पुरानी इलेक्ट्रिक बसों की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता में सुधार आने की उम्मीद है।

टायर और लुब्रिकेंट खरीद को भी स्वीकृति

बैठक में एचआरटीसी बसों के लिए टायर और लुब्रिकेंट की खरीद को भी मंजूरी दी गई। तीन बार टेंडर प्रक्रिया अपनाने के बावजूद हर बार केवल एक ही कंपनी ने बोली लगाई। आवश्यक आपूर्ति को देखते हुए निदेशक मंडल ने एकल निविदा के आधार पर खरीद को स्वीकृति प्रदान की, ताकि बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। इलेक्ट्रिक बसों का यह बेड़ा प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगा, लेकिन इससे पहले हर बस की गुणवत्ता और प्रदर्शन की पूरी जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और बेहतर परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जा सके।


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