बदल गया जलालाबाद का नाम, अब कहलाएगी परशुरामपुरी, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

By: Jul 6th, 2026 1:10 pm

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलने का फैसला लिया है। कैबिनेट ने जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर अब भगवान परशुराम के नाम पर ‘परशुरामपुरी’ रखने की मंजूरी दी है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जाएंगी।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, श्रम मंत्री अनिल राजभर और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने पत्रकारों को मंत्रिमंडल की बैठक में हुये निर्णयों की जानकारी दी। कैबिनेट ने निवेश, उद्योग, नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। इनमें उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन-2026, नई डेटा सेंटर नीति, मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन पशुधन बीमा योजना के राज्यव्यापी विस्तार तथा शाहजहांपुर की जलालाबाद नगर पालिका का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने का निर्णय प्रमुख रहा।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन-2026 के तहत स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए गवर्निंग बॉडी का अध्यक्ष मुख्य सचिव होगा, जबकि मिशन के प्रभावी संचालन के लिए कार्यकारी समिति का गठन किया जाएगा। सरकार ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन पशुधन बीमा योजना को प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने का फैसला किया है। योजना के तहत बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत अंशदान राज्य सरकार वहन करेगी, जिससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

श्रमिकों के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए गोरखपुर और मुरादाबाद में पांच-पांच एकड़ भूमि पर ईएसआई अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा वाराणसी में 13 एकड़ भूमि पर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा, जहां 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। कैबिनेट ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती संबंधी नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी। साथ ही निजी क्षेत्र में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय (बिल्हौर, कानपुर), अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय (गाजियाबाद) तथा ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय (फतेहपुर) की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई।

नगर विकास विभाग के प्रस्ताव पर शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद का नाम बदलकर “परशुरामपुरी” करने का निर्णय लिया गया। वहीं गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने तथा उनकी क्रेडिट रेटिंग सुधारने के लिए अवस्थापना विकास निधि से धन उपलब्ध कराने की मंजूरी भी दी गई। इसके अलावा कैबिनेट ने वाराणसी रोप-वे परियोजना के लिए चिन्हित नजूल भूमि वाराणसी विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराने, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) संचालन एवं अनुरक्षण नीति-2026, पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय के बाद शेष धनराशि के उपयोग, परिवीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली तथा सहकारी समितियों की लेखा परीक्षा सेवा नियमावली में संशोधन जैसे कई प्रशासनिक प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी।

बैठक में सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की पेंशन के पुनरीक्षण को मंजूरी दी गई। साथ ही प्रदेश के लगभग 69 हजार होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से प्रदेश में निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कृषि तथा शहरी विकास के क्षेत्रों को नई गति मिलेगी।


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