Himachal News : नेरचौक मेडिकल कालेज से अब कम मरीज हो रहे रेफर
सरकार के अंतरिम ऑडिट ने लगाई ब्रेक, 60 प्रतिशत घटी रेफर करने की रफ्तार, रोबोटिक सर्जरी से बढ़ा लोगों का विश्वास
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नेरचौक(मंडी)
नेरचौक मेडिकल कालेज से मरीजों के रेफर करने की रफ्तार में एकाएक 60 फीसदी की कमी आई है। मेडिकल कालेज में दो महीने पहले हर दिन छह से सात मरीज रेफर किए जा रहे थे, जबकि अब हर दिन दो से तीन मरीज ही रेफर किए जा रहे हैं। रेफर होने वाले अधिकांश ट्रॉमा के मरीज हैं। नेरचौक मेडिकल कालेज में दो महीने पहले तक औसतन हर महीने 180 से 210 मरीज बड़े स्वास्थ्य संस्थानों को भेजे जाते रहे हैं, जबकि अब यह रफ्तार 40 से 60 के बीच में रह गई है। सुक्खू सरकार के निर्देशों पर मरीजों को रेफर करने के सबंध में करवाए गए अंतरिम ऑडिट के बाद रेफरल मरीजों के आंकड़े में अप्रत्याशित कमी दर्ज हुई है। नेरचौक मेडिकल कालेज का पूरा रेडियोलॉजी डिपाटर्मेंट एक रेडियोलॉजिस्ट के सहारे चल रहा है और मरीजों के एक्स-रे से लेकर एमआरआई तक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। आलम यह है कि ओपीडी में हर दिन औसतन 200 मरीज आते हैं।
इनमें से किसी का एक्स-रे तक नहीं हो पा रहा है। उधर, मेडिकल कालेज में रोबोटिक सर्जरी के शुरू होने और इसके सार्थक परिणाम आने के बाद मरीजों का विश्वास बढ़ा है और मरीज भी रेफर होने की बजाय यहीं पर इलाज करवाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। रोबोटिक सर्जरी से अभी तक कुल 70 ऑपरेशन किए जा चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में सबसे अधिक मरीज मेडिसिन गायनी और ऑर्थो डिपार्टमेंट में भर्ती हो रहे हैं। मेडिकल कालेज में औसतन 450 मरीजों का इलाज हर समय चला रहता है।
रेडियोलॉजी विभाग ने बिगाड़ी मेडिकल कालेज की सेहत
नेरचौक मेडिकल कालेज की सेहत रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट ने खराब की है। यहां पर एक वर्तमान स्टाफ डॉ सौरभ सूद एसोसिएट प्रोफेसर ही तैनात हैं, जबकि प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर अरे सीनियर रेजिडेंट के भी पदों पर कोई तैनाती आज तक हुई ही नहीं है। स्टाफ की कमी भी मरीज को रेफर करने का बड़ा कारण है।
ओपीडी में भी इजाफा
नेरचौक मेडिकल कालेज में तीन महीने पहले यह स्थिति थी कि हर दिन औसतन सात मरीज इलाज के लिए रेफर किए जा रहे थे, जबकि अब दो से तीन मरीज ही इलाज के लिए दूसरे स्वास्थ्य संस्थानों में भेजे जा रहे हैं। पहले ओपीडी में 1000 से 1200 के करीब मरीज आते थे अब यही आंकड़ा 2000 से ऊपर है।
यह बोले प्रिंसीपल
नेरचौक मेडिकल कालेज के प्रिंसीपल डाक्टर राजेश भवानी बताते हैं कि जिन कारणों से मरीज रेफर किए जा रहे थे, उन पर काबू पाया गया है। इससे मरीज रेफरल रेट कम हुआ है।
कॉलेज में इतना स्टाफ
नेरचौक मेडिकल कालेज में करीब 250 डाक्टर तैनात किए गए हैं। इनके साथ 300 नर्सें सेवाएं दे रही हैं। पैरामेडिकल में 100, मिनिस्ट्रयल स्टाफ 50, तथा 100 वार्ड बॉय, 220 सफाई कर्मचारी और 85 सिक्योरिटी में कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
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