स्मार्ट मीटर के खिलाफ नादौन में उबाल, बाजार से लेकर दफ्तर तक जोरदार प्रदर्शन

By: Jul 4th, 2026 12:02 am

कॉरपोरेट लाभ और आर्थिक बोझ का आरोप लगाकर जताया विरोध, प्रदर्शन के बाद मांगों को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

कार्यालय संवाददाता – नादौन
बिजली उपभोक्ताओं की बैठक स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में जैन स्थानक नादौन में सेवानिवृत्त आईएस अधिकारी जेएम पठानिया की अध्यक्ष्ता में संपन्न हुई। बैठक में उपस्थित सभी वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर का पुरजोर विरोध किया। इस मौके पर संयोजक विद्युत उपभोक्ता मंच कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बिजली उपभोक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत जोर-जबरदस्ती बिजली कानून 2003 के प्रावधानों को नजरंदाज करते हुए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग केवल मात्र बड़े कॉरपोरेट घारानों को फायदा पहुंचाने के मकसद से की जा रही है, जिसका बिजली उपभोक्ताओं के हितों पर विपरीत प्रभाव पडऩा निश्चित है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन विद्येयक, विद्युत वितरण क्षेत्र में एक से अधिक लाईसेंस धारियों को विद्युत आपूर्ति करने का अवसर प्रदान करता है, इसके चलते बड़े कॉरपोरेट घरानें बिना कुछ निवेश किए पहले से निर्मित बिजली के बुनियादी ढांचे को इस्तेमाल करते हुए विद्युत आपूर्ति करेंगे, जिसके लिए उनको अपना लेखा-जोखा करने के लिए कि कहां से कितनी बिजली खरीदी व कितनी बिजली बेची? स्मार्ट मीटरिंग की जरूरत रहेगी, जोकि स्मार्ट मीटर के माध्यम से निजी कंपनी के डाटा सेंटर में 15 मिनट बाद डाटा ट्रांसमिट होगा कि किस उपभोक्ता ने कितनी बिजली खर्च की? बिना स्मार्ट मीटर के निजी निवेशक अपना धंधा चलाने में सफल नहीं हो सकते। निजी निवेशकों को यह सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए स्मार्ट मीटरिंग के लिए होने वाले खर्च की वसूली 9 साल में विद्युत उपभोक्ताओं से की जाएगी, जबकि फायदा निजी कॉरपोरेट घारानों को होगा। यह निजी निवेशक विद्युत आपूर्ति करने के लिए अपना उपभोक्ता चुनने के लिए स्वतंत्र होगा। जाहिर है कि निजी निवेशक औद्योगिक व व्यावसायिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति करेगा, जहां से विद्युत बोर्ड लिमिटिड का लगभग 64 प्रतिशत राजस्व आता है, जबकि विद्युत वितरण व्यवस्था को मैंटेन करने, अपग्रेड करने व उपभोक्ता के घर के आखिरी पोल तक बिजली पहुंचाने का जिम्मा सरकारी कंपनी विद्युत बोर्ड लिमिटिड का रहेगा। उपस्थित बिजली उपभोक्ताओं ने नादौन बाजार से एसडीएम दफ्तर तक विरोध प्रदर्शन किया और एसडीएम नादौन के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन सौंपा।

51 सदस्यों को मनोनीत करने का मिला अधिकार

बिजली उपभोक्ता मंच का गठन भी किया गया, जिसका मुख्य संरक्षक सेवानिवृत्त अधिकारी कैप्टन जेएम पठानिया और संयोजक कुलदीप सिंह खरवाड़ा, सहसंयोजक सुरेश राठौर, सचिव जेके धीमान कोषाध्यक्ष राजकुमार चौधरी और इसके साथ 51 सदस्यों की कार्यकारिणी मनोनीत करने का अधिकार निर्वाचित पदाधिकारी को दिया गया।


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