हमीरपुर कालेज में शिक्षकों का टोटा, भविष्य पर सवाल
कालेज में प्राध्यापकों के 22 पद लंबे समय से चल रहे खाली, सोशियोलॉजी में पिछले दो वर्ष से कोई भी प्राध्यापक पढ़ाने वाला नहीं
कार्यालय संवाददाता – हमीरपुर
हमीरपुर जिला का सबसे बड़ा कालेज भी स्टाफ की कमी से अछूता नहीं है। हमीरपुर कॉलेज में वर्तमान समय में डेढ़ दर्जन से अधिक पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं, जिन्हें आज तक भरा नहीं गया है। कॉलेज में सोशियोलॉजी के दोनों पद पिछले दो वर्षों से खाली चल रहे हैं। यही नहीं कॉमर्स, इंग्लिश और हिंदी के पद भी लंबे से खाली पड़े हुए हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। यही नहीं कालेज मेंं पीजी के नौ कोर्स भी अलग से चलाए जा रहे हैं। ऐसे में कालेज प्राध्यापकों पर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा है। बता दें कि नेताजी सुभाष चंद्र मेमोरियल राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय हमीरपुर में 4000 से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कॉलेज में वर्तमान समय में 22 पद प्राध्यापकों के खाली चल रहे हैं। इनमें कॉमर्स के सात पदों मेंं से चार पद खाली चल रहे हैं। इसी तरह इंग्लिश के पांच पदों में से तीन पद और हिंदी के चार पदों में से तीन पद खाली पड़े हुए हैं। जबकि सशोलॉजी के दोनों पद ही पिछले दो वर्षों से खाली पड़े हुए हैं, जिन्हें रिटायर्ड प्राचार्य से पढ़ाना पड़ रहा है। इसके अलावा जलोजी के भी दोनों पद खाली पड़े हुए हैं।
कालेज में इकनोमिक्स का एक पद, हिस्ट्री का एक पद, पॉलीटिक्ल साइंस का एक पद, यूजिक का एक पद, फिलॉसफी का एक पद, साइकोलॉजी का एक पद, एंथ्रोपोलॉजी का एक पद और डांस का एक पद लंबे समय से खाली पड़ा हुआ है, जिसे भरने में उच्च शिक्षा निदेशालय कोई खास रूचि नहीं दिखा रहा है। बताया जा रहा है कि कालेज में तैनात 50 से अधिक प्राध्यापकों पर स्टाफ की कमी के चलते बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्हें सुबह से लेकर शाम तक लगातार छात्रों की कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं। यही नहीं अगर कोई प्राध्यापक किसी कारणवश अवकाश पर चला जाए, तो उसकी जगह पढ़ाने के लिए और कोई विकल्प भी नहीं है। कॉलेज में हमीरपुर के अलावा सरकाघाट, धर्मपुर और हमीरपुर के साथ लगते बिलासपुर जिला के युवा भी पढ़ाई के पहुंचते हैं। हमीरपुर महाविद्यालय में पीजी के नौ कोर्स भी अलग से चलाए जा रहे हैं। इनमें एम हिंदी, एमए इंग्लिश, एमए इकनोमिक्स और एमएससी कैमिस्ट्री, एमएससी बोटनी, एमएससी फिजिक्स, एमएससी मैथ, एमएससी जोलॉजी और एमकॉम में छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में कालेज प्राध्यापकों पर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा है।
कालेजों में खाली पदों से पढ़ाई राम भरोसे
यही नहीं अगर कोई प्राध्यापक अवकाश पर चला जाता है, तो छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। प्रदेश सरकार व उच्च शिक्षा निदेशालय को कालेजों में रिक्त पड़े पदों को जल्द से जल्द भरकर छात्रों के साथ-साथ कालेजों में तैनात दूसरे प्राध्यापकों को भी राहत पहुंचानी चाहिए।
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