एडमिशन नहीं मिली, तो छात्र ने हैक कर ली आईआईटी की वेबसाइट, आईआईटी कानपुर का है मामला
दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली
हर साल देशभर के लाखों छात्र आईआईटी जैसे बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों में एडमिशन लेने का सपना देखते हैं और इसके लिए कड़ी मेहनत भी करते हैं। इसी बीच आईआईअी कानपुर से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें एडमिशन न मिलने से नाराज एक छात्र ने अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स दिखाने के लिए संस्थान की वेबसाइट ही हैक कर दी। मामला सामने आने के बाद संस्थान ने कानूनी कार्रवाई करने की जगह छात्र की तकनीकी क्षमता को परखने का फैसला किया। रिपोट्र्स के मुताबिक, एक छात्र ने आईआईटी कानपुर के नए बीटेक साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में एडमिशन के लिए आवेदन किया था। छात्र का दावा है कि उसने आवेदन प्रक्रिया पूरी की, तय फीस जमा की, सभी जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड किए और अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स से जुड़े प्रमाण भी दिए।
इसके बाद भी उसका चयन नहीं हुआ। इसके बाद उसने आईटाईटी कानपुर की वेबसाइट हैक कर उस पर ‘साइट इज हैकड, ऑल आई नीड इज जस्ट ए फेयर चांस’ का मैसेज छोड़ दिया। इतना ही नहीं, उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और रेडिट पर इसके स्क्रीनशॉट भी शेयर किए और कहा कि उसका उद्देश्य किसी तरह का नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अपनी तकनीकी क्षमता साबित करना था।
हैकथॉन में खुद को साबित नहीं कर पाया छात्र
आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल के अनुसार, इस एडमिशन प्रक्रिया में छात्रों को हैकथॉन के जरिए अपना टैलेंट दिखाने का अवसर दिया गया था, लेकिन संबंधित छात्र उस चरण में खुद को साबित नहीं कर पाया। इसके बाद उसने वेबसाइट में सेंध लगाकर अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स दिखाने की कोशिश की।
पहले एफआईआर की तैयारी, फिर बदला फैसला
शुरुआत में संस्थान की ओर से छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर विचार किया गया था। हालांकि, बाद में फैसला लिया गया कि पहले उसके दावों और तकनीकी क्षमता की जांच की जाए। इसी वजह से तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के जगह उसकी स्किल्स को परखने का फैसला लिया गया।
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