रिंग रोड का सर्वे शुरू, तैयार हो रही डीपीआर, दिल्ली भेजी जाएगी रिपोर्ट, स्वीकृति मिलते ही शुरू होगा काम
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-हमीरपुर
जिला मुख्यालय हमीरपुर के रेडियस में बनने वाले हिमाचल प्रदेश के पहले रिंगरोड के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। इस रोड को बनाने वाली एनएचएआई (नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने रिंग रोड के सर्र्वे और डीपीआर का प्रोसेस शुरू कर दिया है। शहर को वाहनों के बोझ से निजात दिलाने में मददगार साबित होने वाले इस रिंग रोड की लंबाई सर्वे के अनुसार 27 किलोमीटर होगी। यह रोड टू-लेन बनेगा। बताते चलें कि हमीरपुर में बनने वाले प्रदेश के इस पहले रिंगरोड की घोषणा पांच मार्च, 2024 को लोकसभा चुनावों से पूर्व हमीरपुर के दोसडक़ा में पधारे केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने की थी। अर्धवृत्ताकार का बनने वाला यह रिंगरोड शिमला-हमीरपुर-कांगड़ा और दूसरी तरफ मंडी-अवाहदेवी- हमीरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को शहर के बाहर कोहली के पास आपस में जोड़ेगा। यह नोर्थ में कोहली से टौणीदेवी के बीच साउथ में कोहली से चीलवाहल क्षेत्र को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगा।
मौजूदा समय में रोड का सर्वे चला हुआ है। सर्वे की फाइनल प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण का काम शुरू होगा। उसके बाद डीपीआर बनाकर उसे स्वीकृति के लिए एनएचएआई के मुख्यालय दिल्ली भेजा जाएगा। डीपीआर को फाइनल स्वीकृति मिलने के बाद इस रिंग रोड का काम शुरू होगा। नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के शिमला-मटौर फोरलेन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ईं. राकेश यादव के अनुसार रिंग रोड को प्रोसेस शुरू हो गया है। अभी सर्वे और डीपीआर हमारी प्राथमिकता है।
वाहनों के लोड और जाम से मिलेगी मुक्ति
हिमाचल प्रदेश के मध्य में स्थित हमीरपुर हेडक्वार्टर में मौजूदा समय में वाहनों का बोझ बहुत अधिक रहता है। आए दिन यहां जाम की स्थिति पैदा हो रही है। अभी फोरलेन का काम भी पूरी तरह मुक्कमल नहीं हो पाया है। हालांकि एक तरफ बाईपास रोड भी है लेकिन शहर पर फिर भी ट्रैफिक का लोड रहता है। रिंग रोड बन जाने के बाद लोड वाले और लंबी दूरी वाले वाहनों को शहर के बीच से गुजरने की जरूरत नहीं रहेगी। ऐसे में जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
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