संसद में घमासान, बाहर प्रदर्शन, पेपर लीक को लेकर मकर द्वार पर एनडीए-इंडिया गठबंधन आमने-सामने
पेपर लीक को लेकर मकर द्वार पर एनडीर-इंडिया गठबंधन आमने-सामने, एक-दूसरे पर राजनीति करने का आरोप
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को भी पेपर लीक और नीट विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार घमासान देखने को मिला। छात्रों के मुद्दे पर संसद के भीतर जारी गतिरोध के बीच सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में मकर द्वार पर एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन करते हुए छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। एनडीए सांसदों ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर संसद में चर्चा कराने की मांग करते हुए कांग्रेस पर बहस से बचने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन के सांसदों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने तथा विरोध कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग कराने का आरोप लगाया। विपक्ष के प्रदर्शन में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सुप्रिया सुले तथा विपक्षी दलों के कई अन्य सांसद शामिल हुए। सांसदों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाला बैनर भी प्रदर्शित किया।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को बहस में भाग लेना चाहिए। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद के भीतर चर्चा से बच रही है, जबकि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को सबसे पहले श्री प्रधान को पद से हटाना चाहिए और छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों का व्यवस्था से विश्वास उठ चुका है। श्रीमती वाड्रा ने कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक की घटनाओं के लिए सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और शिक्षा मंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।
प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, संसद कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित
नई दिल्ली। मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को भी संसद के दोनों सदनों में पेपर लीक और नीट विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ। लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। बार-बार कार्यवाही बाधित होने के बाद लोकसभा को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं विपक्ष ने लगातार चौथे दिन गुरुवार को भी राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण तीन बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के मानसून सत्र के चार दिन बीत गए हैं और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर गतिरोध के बरकरार रहने से पहले चार दिन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई।
पेपर लीक की जिम्मेदारी भी लें पीएम मोदी
कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि 152 पेपर लीक होने के बावजूद किसी को सजा नहीं मिली और इसकी जिम्मेदारी श्री मोदी को लेनी चाहिए। श्रीमती वाड्रा ने गुरुवार को संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि देश के लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सरकार के सांसद ही संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार संसद चलाने में विफल रही है और युवाओं की जायज मांगों को दबाने के लिए उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं। उनका कहना था कि 152 पेपर लीक होने के बावजूद किसी दोषी को सजा नहीं मिली, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी को इसकी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
सरकार युवाओं के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि सरकार युवाओं के भविष्य और हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री नड्डा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का श्री मोदी का संकल्प, युवाओं के प्रति हमारी सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि इसके विपरीत विपक्ष और उसके नेता श्री गांधी संसद में इस महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर सार्थक चर्चा करने से बच रहे हैं। विपक्षी दल इसके बजाय सडक़ों पर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत उनके गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को दर्शाता है।
कोई मंत्री इस्तीफा देता है, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी
मुंबई। वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा है अगर जवाबदेही तय की जाती है और मंत्री इस्तीफा देते हैं, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 25 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अगर इस्तीफा होता है तो ऐसी कार्रवाई से अन्य मंत्रियों को स्पष्ट संदेश जाएगा कि अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफलता पर उन्हें अपना पद गंवाना पड़ सकता है।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App

