इंडियन आर्मी के पास होगी अमरीका की घातक ‘जैवलिन’ मिसाइल, जानिए कितनी घातक
चंद सेकेंड्स में दुश्मन के टैंक होंगे तबाह
दागते ही टारगेट खुद ढूंढ लेगी
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
भारत और अमरीका ने भारतीय सेना के लिए 100 से अधिक टैंक रोधी गाइडेड जैवलिन मिसाइल प्रणालियों की खरीद के लिए 4.5 करोड़ डालर से अधिक के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है और उनके रक्षा उद्योगों के बीच गहरे सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को बताया कि इसे खरीदने के लिए भारतीय सेना की ओर से लेटर ऑफ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस पर साइन कर दिए गए हैं। जैवलिन एक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है। इसे सैनिक कंधे से लांच कर सकते हैं और यह बख्तरबंद वाहनों जैसे लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है।
एक बार दागने के बाद मिसाइल खुद ही थर्मल टेंपरेचर से टारगेट को ढूंढ लेती है और उसे हिट करती है। बता दें कि जैवलिन (एफजीएम-148) अमरीका में बना एक मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है। इसकी अधिकतम प्रभावी रेंज करीब चार किलोमीटर है। जैवलिन की सबसे खास तकनीक फायर एंड फॉरगेट है। यानी लांच से पहले सिस्टम लक्ष्य को पहचानकर उस पर लॉक करता है और मिसाइल दागे जाने के बाद उसे ऑपरेटर को लगातार नियंत्रित करने की जरूरत नहीं होती। मिसाइल खुद लक्ष्य तक पहुंचती है। इसमें इन्फ्रारेड सीकर लगा होता है, जिससे यह दिन-रात और अलग-अलग मौसम में लक्ष्य को ट्रैक कर सकती है। जेवलिन टॉप-अटैक मोड में लक्ष्य के ऊपर से हमला कर सकती है, जहां टैंक का कवच आमतौर पर अपेक्षाकृत कमजोर होता है। जरूरत के मुताबिक यह डायरेक्ट-अटैक भी कर सकती है।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
