पुल पानी में डूबा, आर-पार जाने को बनाया झूला
मयाड़ घाटी के करपट गांव में लोगों को हो रही दिक्कत, मंडियों तक फसलें पहुंचाना भी मुश्किल
कार्यालय संवाददाता-केलांग
जिला लाहुल-स्पीति की मयाड़ घाटी के करपट गांव में 18 अगस्त को करपट नाले में आई बाढ़ के बाद पैदा हुई स्थिति करीब एक सप्ताह बाद भी सामान्य नहीं हो पाई है। बाढ़ के कारण करपट नाले का बहाव अवरुद्ध होने से मयाड़ नाले में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इस दौरान करपट गांव को जोडऩे वाला वाहन योग्य पुल पानी में डूब गया, जिसके चलते ग्रामीणों का गांव से मुख्य सडक़ और अन्य क्षेत्रों से संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया। ग्रामीणों के अनुसार पुलिया अभी तक पानी में डूबी हुई है और आवाजाही के लिए उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है।
हालात से परेशान ग्रामीणों ने अपने स्तर पर झूला तैयार किया है, जिसके सहारे अब ग्रामीण नाले के आर-पार आ जा रहे हैं। यही झूला इन दिनों ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही के साथ-साथ उनकी कृषि उपज को गांव से बाहर निकालने का भी एकमात्र सहारा बना हुआ है। इन दिनों फूलगोभी सहित अन्य फसलों को गांव से बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों को मजदूरों की मदद लेनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि झूले के उस पार फसल पहुंचाने के लिए छोटी पेटी के करीब 50 रुपये और बड़ी पेटी के करीब 80 रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।
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ग्रामीणों के मुताबिक फिलहाल सबसे जरूरी काम मयाड़ नाले में अवरुद्ध पानी की निकासी करवाना है। जब तक पानी का स्तर कम नहीं होता, तब तक वाहन योग्य पुल से आवाजाही बहाल होना मुश्किल है। ऐसे में ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ कृषि उपज को बाहर निकालने में भी अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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