नेपाल में नहीं थमी आफत; फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, भोटेकोसी नदी उफान पर
बाढ़ में अब तक 587 की मौत, 1500 से ज्यादा लापता
एजेंसियां — काठमांडू
तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनी झील का एक किनारा टूटने से नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यह चिंताजनक इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि नेपाल बाढ़ की मार से बेहाल है। शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि चीन के तिब्बती क्षेत्र में एक झील फटने की सूचना मिली है, जिससे नेपाल में दोबारा बाढ़ आ सकती है। शुक्रवार को झील में पानी बढक़र करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर हो गया था। झील का पानी ओवरफ्लो होकर ल्हेंदे खोला और फिर त्रिशूली नदी में पहुंचा। इसके बाद नेपाल में रेस्क्यू टीमों को सुरक्षित जगह जाने को कहा गया था। हालांकि करीब तीन घंटे बाद राहत और बचाव अभियान फिर शुरू कर दिया गया। भोटेकोशी नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील के फटने के बाद अचानक बाढ़ के खतरे को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था। वहीं भीषण बाढ़ में नेपाल में 587 और तिब्बत में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। दोनों देशों में 1,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ से नेपाल में सडक़, पुल, घर और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान हुआ है। राहत-बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं। इस घटना के बाद 290 भारतीय नागरिकों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनकी तलाश के प्रयास लगातार जारी हैं। इस बीच, त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और कर्मचारियों को नेपाली सेना की टीम ने रेस्क्यू किया है। इस हाइड्रोपावर में कई भारतीय मजदूर भी काम कर रहे थे। नेपाली सेना ने टनल में फंसे सभी मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया है।
चीन में फंसे 400 भारतीय सुरक्षित, जल्द होगी वापसी
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इन सभी से संपर्क हो चुका है और सभी सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, भारतीय दूतावास बीजिंग में फंसे भारतीयों, उनके ट्रैवल एजेंट और ग्रंप लीडर्स के संपर्क में है। दूतावास उनकी सुरक्षित निकासी की व्यवस्था कर रहा है। रास्ते खुलने के बाद इन भारतीयों को सुरक्षित भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नदी का रास्ता अभी साफ नहीं
नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन अनुसंधान एवं विकास केंद्र ने गुरुवार रात जारी बयान में कहा कि नदी के अवरुद्ध होने से बनी झील का पानी अभी पूरी तरह खाली नहीं हुआ है। इसलिए ऊपरी भोटेकोसी क्षेत्र में पानी के बहाव में अचानक बढ़ोतरी की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। केंद्र ने जोर दिया कि भोटेकोसी, त्रिशूली और नारायणी नदी तंत्र की लगातार निगरानी जरूरी है। स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है, इसलिए खतरा पूरी तरह टला हुआ नहीं माना जा सकता।
नेपाल से लौटे 21 तीर्थयात्रियों से मिले जयशंकर, आपबीती सुन भावुक हुए
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल में बाढ़ से सुरक्षित बचाए गए तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की आपबीती सुनकर वे भावुक हो गए। जयशंकर ने रेस्क्यू अभियान के लिए नेपाली सेना और नेपाल सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने भारतीय दूतावास की भी सराहना की, जिसने तीर्थयात्रियों की सुरक्षित भारत वापसी में मदद की।
400 से ज्यादा कंटेनर ट्रक बहे, लोगों से संपर्क नहीं
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने कंटेनर ट्रक कारोबार को भारी नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ में 400 से ज्यादा कंटेनर ट्रक बह गए हैं। इन ट्रकों के चालक, सहचालक, मजदूर और व्यापारी समेत 1,000 से ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ये लोग त्योहारों के लिए सामान लेने रसुवागढ़ी-केरुंग नाके पर पहुंचे थे। नेपाल ट्रक कंटेनर व्यवसायी संघ के मुताबिक, 400 से ज्यादा चालक ही लापता हैं। सहचालक, व्यापारी और कस्टम एजेंटों को जोडऩे पर यह संख्या और बढ़ सकती है। बाढ़ से कई दूसरे इलाकों के वाहन भी फंसे हैं।
यूरोपीय संघ दो मिलियन यूरो करेगा डोनेट
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि अचानक आई बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने बताया कि यूरोप नेपाल को तुरंत दो मिलियन यूरो की मानवीय सहायता दे रहा है। इस मुश्किल समय में यूरोप नेपाल के साथ खड़ा है। इस राशि से बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित परिवारों और समुदायों तक जरूरी राहत पहुंचाई जाएगी।
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