अब कलेक्टर देंगे भारतीय नागरिकता, केंद्र का CAA में बड़ा बदलाव, लद्दाख-पंजाब संग आठ राज्यों में बदले नियम

By: Aug 21st, 2026 12:01 am

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

जम्मू कश्मीर, बंगाल, लद्दाख सहित सीमा क्षेत्र के आठ राज्यों में अब जिला कलेक्टर ही सीएए के तहत नागरिकता दे सकेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम यानी सीएए के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियम, 2009 में संशोधन करते हुए गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में जिला कलेक्टरों को सीधे नागरिकता देने का अधिकार दे दिया है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए पात्र गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों की लंबित नागरिकता की अर्जियों का तेजी से निपटारा करना है। इन तीन देशों के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई को गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक माना गया है। इनके लिए ही सीएए में नागरिकता देने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।

नए नियमों के तहत संबंधित जिला कलेक्टर नागरिकता के लिए आने वाले आवेदनों को प्राप्त करने, उनकी जांच करने और उन पर फैसला लेने के साथ नागरिकता देने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। यह बदलाव पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करने के उद्देश्य से किया गया है। नए प्रावधान नागरिकता अधिनियम की धारा 6बी के तहत पंजीकरण या प्राकृतिककरण के लिए किए जाने वाले आवेदनों पर लागू होंगे। गृह मंत्रालय की ओर से जारी नागरिकता (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 के तहत यह व्यवस्था इन क्षेत्रों में लागू होगी। हालांकि असम और त्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्रों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। नियमों में बदलाव के बाद संबंधित जिला कलेक्टर को नागरिकता प्रक्रिया में अहम अधिकार मिल गया है। आवेदन मिलने के बाद इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फॉर्म 9 में पावती जारी की जाएगी।


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