पर्यटन पुलिस का गठन जरूरी
गत दिनों ‘उफ ! यह पर्यटन’ के संपादकीय में भीड़ में जूझते पर्यटकों की मुश्किलों के बारे में विस्तार से विचार रखे गए। इसमें मुख्य कारण छोटे-छोटे शहरों में पार्किंग होते हुए भी स्थानीय लोगों का उसका सदुपयोग न करना ही है। पिक एंड चूज प्रणाली द्वारा पुलिस को भी चालान करने से परहेज करना चाहिए। स्थानीय लोग, पर्यटक व पुलिस मिल-बैठ कर इसका हल निकालें, तो यह सराहनीय होगा।
शहर के बाहर गाड़ी पार्क करने के लिए माकूल व्यवस्था बनानी चाहिए और सडक़ के किनारे नालियों को लोक निर्माण विभाग को ठीक करना चाहिए। अंतत: पर्यटन पुलिस का गठन इसमें सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। पर्यटन के नाम पर भीड़ इकट्ठी कर देना उचित नहीं है। हमें हाई एंड टूरिज्म को बढ़ावा देना चाहिए।
-डा. विनोद गुलियानी, बैजनाथ
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