2032 तक समृद्ध हिमाचल का लक्ष्य, CM सुक्खू बोले- डॉ. परमार की सोच को साकार कर रही सरकार

By: Aug 4th, 2026 6:09 pm

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज हिमाचल निर्माता और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवन्त सिंह परमार की 120वीं जयन्ती के अवसर पर विधानसभा परिसर शिमला में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार डॉ. परमार की नीतियों को धरातल पर सफलतापूर्वक उतारने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। उनकी दूरदर्शी सोच व दृष्टिकोण से योजनाएं व कार्यक्रम लागू किये जा रहे हैं। उनकी नीतियों को धरातल पर उतारना ही उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार ने हिमाचल प्रदेश के निर्माण के लिए बहुआयामी प्रयास किए। हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्यत्व का दर्ज़ा दिलवाने के लिए डॉ. परमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर केन्द्र सरकार के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार ने एक आधुनिक हिमाचल का सपना देखा था जिसमें सभी लोग शिक्षित व साधन सम्पन्न हों और उन्हें आवागमन की बेहतर सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने की दिशा में विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया है। वर्तमान सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप 99.30 साक्षरता दर के साथ हिमाचल प्रदेश पूर्ण साक्षर राज्य बना है, जो बेहद गर्व की बात है।

सीएम सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने 156 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया है, जिसके कारण स्कूलों में छात्र प्रवेश में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने के लिए ‘डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना’ के अंतर्गत मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण की व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार का मत था कि हिमाचल का विकास गांवों के विकास से होगा। किसान, बागवान, महिलाएं, युवा और कमजोर वर्गों के विकास की मुख्यधारा में आए बिना प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने की जो सोच दी, वही आज भी प्रदेश सरकार की नीतियों का आधार है। सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राकृतिक खेती और स्वरोजगार को प्रोत्साहन सहित विभिन्न कदम उठा रही है।

सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल के विकास और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर प्रदेश हित में कदम बढ़ाने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हक हासिल करने के लिए सभी को प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के अधिकारों को प्राप्त करने की सोच के साथ संघर्ष कर रही है और विपक्ष को भी इस दिशा में अपना दायित्व निभाना चाहिए। प्रदेश सरकार डॉ. परमार की सोच को फलीभूत करने का प्रयास कर रही है। इसी दृष्टिकोण के साथ वर्ष 2032 तक हिमाचल देश का एक समृद्धशाली राज्य बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पलायन रोकने के लिए गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्पर्क व अन्य सुविधाओं का विकास कर गांव की तकदीर व तस्वीर बदलने के सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।


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