52 गांवों की परिक्रमा पर निकले गुग्गा महाराज
शिलाई से शुरू हुई वार्षिक देव यात्रा; चार सितंबर को लौटेंगे देवता, पांच सितंबर को मनाया जाएगा गुगाल पर्व
निजी संवाददाता-शिलाई
क्षेत्र सहित 52 गांवों की आस्था के प्रतीक गुग्गा महाराज शुक्रवार को अपनी वार्षिक 52 गांवों की परिक्रमा यात्रा पर रवाना हो गए। देवता के मंदिर से बाहर निकलते ही पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बन गया। दोपहर बाद गुग्गा मंदिर शिलाई से देवता की यात्रा शुरू हुई। शिलाई बाजार से होते हुए देवता पैदल 52 गांवों की परिक्रमा के लिए रवाना हुए। खत के जेलदार दिनेश तोमर, समिति अध्यक्ष कुलदीप नेगी, बजीर बिट्टू नेगी सहित अन्य देव कारदारों ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद देवता को मंदिर से बाहर निकाला। यात्रा का पहला रात्रि पड़ाव बेला गांव में होगा। देव परंपरा के अनुसार देवशयनी अवधि में जब अधिकांश देवता चिरनिद्रा में होते हैं, उस दौरान क्षेत्र की रक्षा का भार गुग्गा महाराज पर माना जाता है। इसी मान्यता के चलते हर वर्ष देवता अपनी सल्तनत के गांवों की परिक्रमा कर क्षेत्रवासियों की रक्षा और मंगल की कामना करते हैं।
52 गांवों के ग्रामीणों को हर वर्ष देवता के आगमन का बेसब्री से इंतजार रहता है। देव करिंदे तपेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि यात्रा के दौरान पहला पड़ाव बेला, दूसरा कंडियारी, तीसरा कोटी, चौथा ग्वाली, पांचवां उमटियाना, छठा पंदियाट और सातवां पड़ाव धकोली में होगा। इसके बाद देवता चार सितंबर को शिलाई लौटेंगे। देवता के लौटने के अगले दिन पांच सितंबर को गुगाल पर्व श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर देवता के रथ को आकर्षक झांकियों के साथ गुग्गामाड़ी पहुंचाया जाएगा। यहां पूरी रात जागरण होगा और चार पहर की पूजा-अर्चना के साथ पर्व मनाया जाएगा। खत के जेलदार दिनेश तोमर ने श्रद्धालुओं से गुगाल पर्व में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर देवता का आशीर्वाद लेने का आह्वान किया है।
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