क्लास-1 अधिकारियों के बार-बार तबादले पर HC सख्त, जानिए क्या कहा

By: Aug 18th, 2026 8:35 pm

विधि संवाददाता-शिमला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों के बार-बार होने वाले तबादलों पर एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई अधिकारी क्लास-1 का है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि विभाग उसके लगातार और अकारण तबादले करता रहे। कोर्ट ने राज्य सरकार को नसीहत दी है कि वह क्लास-1 अधिकारियों के लिए भी एक न्यूनतम कार्यकाल तय करे ताकि उनके तबादलों में निष्पक्षता बनी रहे। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने बबनेश चड्ढा द्वारा दायर एक सिविल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया और याचिकाकर्ता के ट्रांसफर ऑर्डर को रद्द कर दिया। याचिकाकर्ता बबनेश चड्ढा मंडी जिले के विकास खंड बाली चौकी में कार्यरत थे। विभाग ने 1 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी कर उनका तबादला वहां से कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

अदालत के संज्ञान में यह बात आई कि याचिकाकर्ता को बाली चौकी में सेवाएं देते हुए अभी मात्र 1 वर्ष और 11 महीने ही हुए थे। इससे पहले भी उन्हें 01.07.2020 से 16.09.2021 तक करसोग, मंडी और फिर 06.09.2021 से 06.04.2023 तक आनी, कुल्लू में लगातार कम समय में ट्रांसफर का सामना करना पड़ा था। अदालत ने माना कि अधिकारी को उसके वर्तमान तैनाती स्थल पर एक सम्मानजनक और उचित कार्यकाल पूरा करने की अनुमति दिए बिना ट्रांसफर करने का कोई तार्किक आधार नहीं है। केवल प्रथम श्रेणी का अधिकारी होने से विभाग को बार-बार ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं मिल जाता। वे भी एक निश्चित स्थान पर तय समय तक काम करने के हकदार हैं। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा कि वह क्लास-1 अधिकारियों के लिए भी न्यूनतम कार्यकाल और वस्तुनिष्ठ दिशानिर्देश तय करे। इसके साथ ही विभाग को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को वर्तमान स्टेशन (बाली चौकी) पर कम से कम ढाई से तीन साल का कार्यकाल पूरा करने दिया जाए। इसके बाद ही विभाग प्रशासनिक अनिवार्यताओं के आधार पर उनका तबादला कर सकेगा।


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