Monsoon Session HP: सरकार पर होने वाली है सवालों की बौछार
कार्यालय संवाददाता—शिमला
हिमाचल CBSE School of Excellence: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले सरकारी स्कूलों को सीबीएसई स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना को लेकर सरकार पर सवालों की बौछार होने वाली है। 21 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति, खाली पदों और प्रिंसीपलों की तैनाती को लेकर विधायकों की ओर से सरकार से करीब 20 से 25 सवाल पूछे जाने की संभावना है। ऐसे में शिक्षा विभाग और सरकार को विधानसभा में इन स्कूलों की मौजूदा स्थिति और भर्ती प्रक्रिया पर जवाब देना होगा। प्रदेश में सीबीएसई स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत सरकारी स्कूलों को सीबीएसई पैटर्न पर संचालित किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने 145 सरकारी स्कूलों के लिए स्कूलवार और विषयवार स्वीकृत शिक्षकों के पदों की सूची जारी कर दी है।
सरकार इन पदों के सृजन और आंतरिक युक्तिकरण को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। लेकिन अब तक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्यिां नहीं हो पाई है। सीबीएसई व्यवस्था के तहत प्रदेश के 146 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रस्तावित है। इन स्कूलों में प्री-प्राइमरी से जमा दो तक की कक्षाएं संचालित की जानी हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर न्यूनतम 34 से लेकर अधिकतम 84 तक शिक्षक पद स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक कक्षा में 40 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक का प्रावधान रखा गया है। प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों के लिए कुल 9,674 शिक्षक पद स्वीकृत हैं। इनमें से पहले चरण में 5,623 शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। भर्ती के लिए लिखित परीक्षा भी पहले ही पूरी हो चुकी है और हजारों अभ्यर्थी नियुक्ति आदेश जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। विधानसभा सत्र में अब सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी, कितने पदों पर भर्ती होगी और बाकी स्कूलों में प्रिंसिपलों की तैनाती की समयसीमा क्या है। यदि नियुक्तियों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो विद्यार्थियों के स्कूल छोडऩे का सिलसिला आगे भी बढ़ सकता है।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
