टेंडर और बिलिंग से भुगतान तक, सब ऑनलाइन होगा, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जारी किए निर्देश
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत निर्माण से जुड़ी पूरी व्यवस्था होगी डिजिटल, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जारी किए निर्देश
वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत सडक़ों के निर्माण कार्यो से जुड़ी पूरी व्यवस्था डिजिटल होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय 14 अगस्त से ओमास पोर्टल पर ई एमबी और बिलिंग प्रणाली को लागू करने जा रहा है। इसके लिए मंत्रालय की ओर से निर्देश भी जारी कर दिए है। बड़ी बात है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद पीएमजीएसवाई के तहत होने वाले कार्यों के टेंडर से लेकर इसके भुगतान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी। मंत्रालय ने इस व्यवस्था के लिए सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एक नोडल अधिकारी भी तैनात करने को कहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 14 अगस्त से देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ओएमएमएएस पोर्टल पर ई-एमबी (इलेक्ट्रॉनिक मेजरमेंट बुक) और ई-बिलिंग प्रणाली लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद निर्माण कार्यों की एमबी, उसका रिकॉर्ड और ठेकेदारों के बिल एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था में फील्ड इंजीनियर निर्माण स्थल पर किए गए कार्यों की एमबी सीधे ऑनलाइन दर्ज करेंगे।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पीएमजीएसवाई के तहत स्वीकृति के लिए भेजे जाने वाले प्रत्येक नए कार्य का बिल ऑफ क्वांटिटी (बीओक्यू) पहले ओमास पोर्टल में डिजिटल रूप से तैयार करना होगा। डीपीआर तैयार होने के बाद कार्य की मात्रा का अंतिम सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद यही बीओक्यू तकनीकी स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया, निर्माण कार्य, एमबी दर्ज करने और बिल बनाने का आधार बनेगा। एक बार बीओक्यू अंतिम रूप से तय होने के बाद उसमें बाद में बदलाव नहीं किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा है कि पहले से चल रहे निर्माण कार्यों को भी नई प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 30 अगस्त तक स्वीकृत कार्यों की बची हुई मात्रा का डिजिटल बीओक्यू तैयार कर पोर्टल में अपलोड करना होगा। इसके बाद सभी कार्य ई-एमबी में दर्ज होंगे और उन्हीं के आधार पर ई-बिलिंग के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अधिकारियों की वीडियो कॉन्फे्रंसिंग से ट्रेनिंग
नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए 17 अगस्त को ओमास और सी-डैक की ओर से वीडियो कॉन्फे्रंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें राज्य नोडल अधिकारी, परियोजना इकाइयों के इंजीनियर, एमबी और बिलिंग शाखा के अधिकारी भाग लेंगे। प्रशिक्षण में बीओक्यू तैयार करने, एमबी करने और इसके सत्यापन, बिल तैयार करने और तकनीकी समस्याओं के समाधान की जानकारी दी जाएगी।
सभी राज्यों को करनी होगी नोडल अधिकारी की नियुक्ति
मंत्रालय ने सभी राज्यों को ई-एमबी और ई-बिलिंग के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ओमास पोर्टल में अपलोड किया जाने वाला बीओक्यू सही हो। साथ ही सभी पात्र कार्यों की माप नई प्रणाली में दर्ज की जाए और यदि किसी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या आए तो उसकी जानकारी समय पर एनआरआईडीए को दी जाए।
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