Himachal : हिमाचल के स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का कोई काम पेंडिंग नहीं, पांच साल में स्वीकृत सभी कार्य पूरे

By: Aug 19th, 2026 12:11 am

समग्र शिक्षा के इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित कार्यों में हिमाचल देशभर में अव्वल, पांच साल में स्वीकृत सभी कार्य पूरे

कार्यालय संवाददाता — शिमला

समग्र शिक्षा के तहत स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित विकास के कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने में हिमाचल प्रदेश ने देशभर में एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज करवाई है। वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच समग्र शिक्षा के तहत स्वीकृत अवसंरचना कार्यों की समीक्षा में हिमाचल की ओवरऑल पेंडेंसी शून्य प्रतिशत दर्ज हुई है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी हिमाचल प्रदेश के प्रदर्शन की सराहना की है। पांच वर्षों के दौरान प्रदेश में अतिरिक्त कक्षाओं, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम, बाउंड्री वॉल, कम्प्यूटर रूम, भवनों की मरम्मत, पेयजल, विद्युतीकरण और विभिन्न प्रयोगशालाओं सहित अनेक कार्य स्वीकृत किए गए थे। इन सभी कार्यों को समयबद्ध पूरा किया गया है।

बायोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और साइंस लैब के साथ लाइब्रेरी रूम तथा मेजर रिपेयर के कार्यों में भी प्रदेश की पेंडेंसी शून्य रही है। हिमाचल प्रदेश की उपलब्धि केवल कुल पेंडेंसी तक सीमित नहीं है, समग्र शिक्षा के तहत स्वीकृत लगभग सभी प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर घटकों में प्रदेश ने शून्य पेंडेंसी दर्ज की है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हिमाचल के साथ केवल गोवा और केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में भी पेंडेंसी शून्य प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, केरल में इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित कार्यों की पेंडेंसी 75.57 प्रतिशत, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव में 65.06 प्रतिशत तथा जम्मू-कश्मीर में 59.21 प्रतिशत दर्ज हुई है।

डिजिटल एजुकेशन में भी आगे सभी स्मार्ट क्लासरूम फंक्शनल

इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में भी हिमाचल ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। प्रदेश में 100 प्रतिशत स्मार्ट क्लासरूम फंक्शनल हैं। इसके मुकाबले केरल में करीब 50 प्रतिशत स्मार्ट क्लासरूम ही संचालित अवस्था में हैं। ऐसे में स्मार्ट क्लासरूम के प्रभावी संचालन के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर वक्र्स में शून्य पेंडेंसी हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। स्कूलों में छात्र-छात्राओं को हर प्रकार की सुविधा प्रदान की जा रही है।

गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देना लक्ष्य

समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्यों में शून्य पेंडेंसी और 100 प्रतिशत स्मार्ट क्लासरूम का फंक्शनल होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि समग्र शिक्षा की पूरी टीम, विशेषकर सिविल को-ऑर्डिनेटर रंजना चौहान और उनकी टीम सहित अन्य को-ऑर्डिनेटरों के सहयोग से संभव हुई है। विभाग का लक्ष्य केवल स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।


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