भदरोया में अवैध कटान का खेल, दफ्तर के पास ही काटे आठ खैर
वन रेंज कार्यालय से दो किलोमीटर दूर रात के अंधेरे में वन काटुओं ने पेड़ों पर चलाया आरा, वन विभाग की गश्त पर उठे सवाल
निजी संवाददाता- इंदौरा
नूरपुर वन मंडल के अधीन पड़ती भदरोया वन रेंज में कथित अवैध खैर कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला भदरोया गांव से सामने आया है, जहां शिकायतकर्ता संजू के अनुसार रात के समय खैर के करीब सात से आठ पेड़ काट दिए गए। हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल भदरोया वन रेंज कार्यालय से महज करीब दो किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। शिकायकर्ता के अनुसार वह पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में खैर के पेड़ों के कटान को लेकर निगरानी कर रहे थे। सुबह जब वह मौके पर पहुंचे तो कटे हुए पेड़ और खैर की लकड़ी वहीं पड़ी मिली।
उनका कहना है कि आशंका है कि तस्कर रात के समय पेड़ काटकर माल छोड़ गए और बाद में उसे वाहन के माध्यम से उठाने की तैयारी में थे। संजू ने मौके पर पड़े कटे हुए पेड़ों और लकड़ी की वीडियोग्राफी भी की तथा घटना की सूचना स्वयं फोन के माध्यम से वन विभाग को दी। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने वन विभाग के गार्ड से संपर्क किया तो उन्हें स्टाफ की कमी का हवाला दिया गया। संजू ने सवाल उठाया कि यदि एक आम व्यक्ति अकेले मौके पर पहुंचकर कथित अवैध कटान का पता लगा सकता है, तो विभाग के कर्मचारी कार्रवाई क्यों नहीं कर सकते। वह तस्करों को रंगे हाथों नहीं पकड़ सके, लेकिन उनके अनुसार कटे हुए पेड़ मौके पर बरामद होना जांच के लिए महत्त्वपूर्ण तथ्य है।
रात्रि गश्त में कोताही बर्दाश्त नहीं
स्टाफ कमी के सवाल पर वन मंडल अधिकारी संदीप कोहली ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों के बावजूद गश्त में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। फील्ड स्टाफ को नूरपुर, कोटला, जवाली संग संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यदि वन संपदा की सुरक्षा को पर्याप्त अमला उपलब्ध नहीं होता है तो भविष्य में निजी भूमि पर होने वाले खैर कटान यानी ग्रीन फेलिंग की मंजूरियों पर भी रोक लगाने पर विभाग विचार कर सकता है।
वन मंडल अधिकारी संदीप कोहली ने लिया कड़ा संज्ञान
ताजा मामले पर नूरपुर के वन मंडल अधिकारी डीएफओ संदीप कोहली ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि भदरोया में अवैध कटान की सूचना मिलते ही स्थानीय वन गार्ड और विभागीय टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर यह पता लगाया जा रहा है कि कितने पेड़ काटे गए हैं और घटना के पीछे किन लोगों की भूमिका है। संदीप कोहली ने कहा कि वन विभाग अवैध कटान को गंभीरता से ले रहा है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। तस्करों द्वारा अब कटान के नए तरीके अपनाने की जानकारी सामने आ रही है। अब बैटरी से चलने वाली अपेक्षाकृत शांत आरी के इस्तेमाल की बात सामने आ रही है। भदरोया, नुरपुर, जवाली, फतेहपुर, कोटला और आसपास के क्षेत्रों में सामने आए अवैध कटान के मामलों को देखते हुए विभाग ने निगरानी बढ़ाई है और संदिग्धों की पहचान कर मुख्य आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई जारी है।
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