उत्तर भारत में फिर बदला मौसम का मिजाज, 25 अगस्त तक बारिश का दौर; हिमाचल समेत कई राज्यों में अलर्ट
पंचकूला। उत्तर भारत के बड़े हिस्से में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जताया है। कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में बुधवार को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 19 अगस्त और फिर 22 अगस्त को काफी भारी से भारी बारिश होने का अनुमान है। 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पंजाब में भी 19 अगस्त को भारी से भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
आईएमडी की हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली उपखंड संबंधी चेतावनी में 19 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है, जबकि 20 से 25 अगस्त के लिए इस उपखंड में कोई चेतावनी नहीं दी गई है। पंजाब के लिए भी 19 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है और इसके बाद सात दिन की चेतावनी अवधि में कोई चेतावनी नहीं है। विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले कई दिनों तक मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 19 से 23 अगस्त तक काफी भारी से भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 19 से 22 अगस्त तक भारी बारिश और उत्तराखंड में 19 से 24 अगस्त तक काफी भारी बारिश का अनुमान है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 19 से 21 अगस्त, हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 अगस्त तथा उत्तराखंड में 20 से 24 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 19 से 24 अगस्त के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश मौजूदा मौसम प्रणाली से प्रभावित प्रमुख राज्यों में शामिल है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 22 अगस्त को काफी भारी से भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 से 24 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19-20 और फिर 21-22 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 से 23 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है। 19 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
विभाग के अनुसार 20 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। 21 और 22 अगस्त को भी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जबकि 23 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 21 और 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 19 से 21 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
आईएमडी के अनुसार 19 अगस्त सुबह 5:30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश हुई। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई। चंडीगढ़ और जम्मू में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रयागराज जिले के इलाहाबाद में 12 सेंटीमीटर, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 8 सेंटीमीटर, वाराणसी में 5 सेंटीमीटर, रांची में 6 सेंटीमीटर और सतना में 5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
आईएमडी के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई, जबकि पंजाब में कुछ स्थानों तथा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। मौजूदा मौसम का संबंध कई मौसम प्रणालियों से है। उत्तर झारखंड और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बिहार के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र 19 अगस्त सुबह 5:30 बजे 24.2 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 84.6 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास स्थित था। यह करीब 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। इसके झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़ और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश से होकर आगे बढ़ने तथा अगले 12 घंटों में कमजोर होने का अनुमान है।
समुद्र तल के पास मानसून की अक्षीय रेखा फिरोजपुर, पटियाला, बरेली और लखनऊ से होते हुए उत्तर झारखंड और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बिहार के निम्न दबाव क्षेत्र तक तथा वहां से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। पंजाब और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है।
मध्य भारत में भी मौसम प्रणाली का असर रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 22 अगस्त तक काफी व्यापक बारिश, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 से 24 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 21 से 24 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ में 19-20 और फिर 23-24 अगस्त को व्यापक बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20-21 और 23 अगस्त, पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 तथा 21-23 अगस्त, विदर्भ में 19 अगस्त और छत्तीसगढ़ में 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 अगस्त तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 19-20 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19 से 22 अगस्त तक गरज, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में भी इस अवधि में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 24 अगस्त तक काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है। झारखंड में 19 अगस्त और फिर 23-24 अगस्त, बिहार में 21-23 अगस्त तथा ओडिशा में 19 और 22-24 अगस्त को व्यापक बारिश हो सकती है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19-22 और 24 अगस्त, गंगीय पश्चिम बंगाल में 23-24 अगस्त, झारखंड में 19 अगस्त, बिहार में 19 तथा 21-23 अगस्त और ओडिशा में 22-24 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में भी 19 से 24 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में काफी व्यापक से व्यापक बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19-24 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में भी इस अवधि में भारी बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में 19-22 अगस्त के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।
कोंकण और गोवा में 19 से 24 अगस्त तक काफी व्यापक बारिश का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में इस अवधि में छिटपुट से बिखरी हुई बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।
तटीय कर्नाटक में 19-24 अगस्त तक काफी व्यापक बारिश हो सकती है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 19-20 तथा 23-24 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल और तेलंगाना में 19-24 अगस्त के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है।
19 अगस्त को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में भी भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में 19-20 अगस्त को बिजली और गरज के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 19-20 अगस्त को तेज हवाएं चलने की संभावना है।
आईएमडी के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 19 अगस्त को उत्तर छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अनुमान है।
20 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। 21 अगस्त को पूर्वोत्तर, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का अनुमान है।
22 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। 23 अगस्त को पूर्वोत्तर, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड में भारी बारिश का अनुमान है। 24 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। 25 अगस्त को भी पूर्वोत्तर, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, जलमग्नता और बाढ़ की स्थिति बनने की चेतावनी दी है। भारी बारिश से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। संवेदनशील इलाकों में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, मलबा गिरने और दृश्यता कम होने की भी आशंका है। तेज हवाओं और बारिश से खड़ी फसलों, बागवानी फसलों तथा कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।
आईएमडी ने लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और हालात बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने तथा गरज-चमक के समय जलाशयों और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह भी दी गई है।
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