NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा खुलासा, NTA के 3 विशेषज्ञों पर गंभीर आरोप

By: Aug 8th, 2026 5:10 pm

पुणे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों पी.वी. कुलकर्णी (रसायन विज्ञान), मनीषा हवलदार (भौतिकी), और मनीषा मंधारे (वनस्पति विज्ञान और प्राणीशास्त्र) की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी 2026) परीक्षा पेपर से प्रश्नों के कथित लीक में हाथ रहा है। सीबीआई ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में विशेष अदालत में 13 आरोपियों के खिलाफ 94 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। जांचकर्ताओं ने बायोमेट्रिक डेटा, मोबाइल कॉल-डिटेल रिकॉर्ड और स्थान विश्लेषण के अलावा हाउसिंग सोसाइटी के एक्सेस-कंट्रोल एप्लिकेशन के रिकॉर्ड पर बहुत अधिक भरोसा किया है, जहां पुणे स्थित आरोपी कुलकर्णी रहता था।

आरोपपत्र में बताया गया है कि कैसे तीन विशेषज्ञों ने कथित तौर पर एनटीए के गोपनीय अनुभाग में सुरक्षा चूक का फायदा उठाया। सीबीआई के अनुसार गोपनीय अनुभाग के लिए कोई समर्पित प्रत्यक्ष-रिकॉर्डिंग नियंत्रण इकाई नहीं थी, जिससे आरोपी विशेषज्ञों की गतिविधियों पर काफी हद तक निगरानी नहीं रखी जा सकी। कथित तौर पर परिसर में प्रवेश करते या बाहर निकलते समय कर्मियों की तलाशी की कोई व्यवस्था नहीं थी। एजेंसी ने दावा किया है कि इन खामियों के कारण प्रश्नपत्र तक पहुंचने और लीक होने का अवसर उत्पन्न हुए।

उन्होंने बताया कि मंधारे वनस्पति विज्ञान के पेपर का अंग्रेजी से मराठी में अनुवाद करने और प्राणीशास्त्र के पेपर का दोबारा अनुवाद करने के लिए जिम्मेदार थी, ने कथित तौर पर अपने होटल लौटने के बाद एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों से प्रासंगिक अंशों को चिह्नित किया। सीबीआई ने दावा किया है कि उसके अनुभव ने उसे परीक्षा के प्रश्नों को पाठ्यपुस्तक सामग्री के साथ आसानी से जोड़ने में सक्षम बनाया। आरोपपत्र के अनुसार हवलदार को भौतिकी अनुवाद का काम सौंपा गया था, कथित तौर पर प्रत्येक दिन के अंत में दिल्ली में अपने आवास पर लौटने के बाद प्रश्नों के संक्षिप्त नोट्स बनाती थी।

सीबीआई ने आगे आरोप लगाया है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे ने बिचौलियों के माध्यम से राजस्थान और हरियाणा तक पहुंचाया था। कथित तौर पर एक छात्र तक पहुंचने से पहले बिचौलियों की एक श्रृंखला के माध्यम से पेपर को पर्याप्त रकम में बेच दिया गया था। एनटीए में छात्र की शिकायत ने कथित पेपर लीक को प्रकाश में लाने में मदद की। सीबीआई ने दावा किया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की एक समिति ने जब्त की गयी सामग्री की जांच की और पाया कि यह नीट-यूजी 2026 परीक्षा के विभिन्न सेटों के प्रश्नों से मेल खाती है।

जांच एजेंसी ने लातूर स्थित कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज मोटेगांवकर को भी आरोपी बनाया है। आरोप पत्र के अनुसार प्रश्न पत्र को अंतिम रूप देने के विभिन्न चरणों में व्यक्तियों का एक ही समूह शामिल था, जिससे यह संभावना पैदा हुई कि पूरा अंतिम पेपर एक ही व्यक्ति के लिए सुलभ हो सकता था। सीबीआई के निष्कर्षों ने गोपनीय परीक्षा सामग्री के प्रबंधन में गंभीर सुरक्षा कमियों को भी उजागर किया है और नीट-यूजी 2026 प्रश्न पत्र की तैयारी और अनुवाद के दौरान एनटीए द्वारा अपनाये गये सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए हैं।


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