पीरनिगाह मंदिर प्रबंधन को लेकर प्रदर्शन, पंचायत ने मांगा हक

By: Aug 19th, 2026 12:01 am

मिनी सचिवालय पहुंचकर ग्रामीणों ने बोला हल्ला, बोले—नई पंचायत बनने के बावजूद अब तक नहीं सौंपा गया मंदिर का संचालन

नगर संवाददाता-ऊना
उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीरनिगाह मंदिर के संचालन एवं प्रबंधन को लेकर ग्राम पंचायत बसोली के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिनी सचिवालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया और मंदिर का प्रबंधन वापस ग्राम पंचायत को सौंपने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे इस मांग को लेकर पहले भी कई बार प्रशासन के समक्ष प्रदर्शन और ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम पंचायत बसोली के प्रधान सतनाम सिंह और उपप्रधान नरेंद्र पाल ने कहा कि पीरनिगाह मंदिर का संचालन वर्षों से ग्राम पंचायत बसोली के माध्यम से होता रहा है।

पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के चलते प्रशासन की ओर से मंदिर के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त किया गया था। अब नई पंचायत के चुनाव संपन्न हो चुके हैं और पंचायत विधिवत अपना कार्यभार संभाल चुकी है। चुनाव आचार संहिता समाप्त हुए भी दो माह से अधिक समय बीत चुका है, इसके बावजूद मंदिर का प्रबंधन पंचायत को वापस नहीं सौंपा गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि मंदिर से प्राप्त संसाधनों का उपयोग पंचायत क्षेत्र में विभिन्न जनकल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए किया जाता रहा है। पंचायत जरूरतमंद व बेसहारा लोगों तथा महिलाओं को आर्थिक सहायता और पेंशन उपलब्ध करवाती है। इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, गांव में स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था और अन्य जनहित के कार्य भी करवाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर का प्रबंधन पंचायत के पास नहीं होने के कारण इन विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और ग्रामीणों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

जल्द मांग पूरी न होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी

प्रदर्शन के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मंदिर का संचालन एवं प्रबंधन शीघ्र पंचायत को वापस सौंपने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी प्रशासन के समक्ष दो बार मांग रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द इस मामले में फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App