बरसात के बाद होगी सडक़ों की टायरिंग, बिटुमिन महंगा होने की अतिरिक्त लागत सरकार वहन करेगी
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा में कहा कि इस साल ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण बिटुमिन की कीमतों में उछाल आ गया था। इस कारण एनुअल मेंटेनेंस प्लान के तहत सडक़ों की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया था कि रेट में हुई इस वृद्धि का खर्च राज्य सरकार यदि वहन करे, तो ही काम आगे हो सकता है। मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति जताई है। अब लोक निर्माण विभाग बरसात खत्म होते ही करीब 800 किलोमीटर सडक़ों की टारिंग करेगा, जिस पर 120 करोड़ खर्च होंगे।
मंत्री सदन में चुराह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ हंसराज के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र की जिन सडक़ों को बनाने की बात विधायक कह रहे हैं, वहां जमीन विभाग के नाम ट्रांसफर नहीं है। इसलिए विधायक अपने प्रभाव का इस्तेमाल करें और जमीन पहले दिलाएं। मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि चुराह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सडक़ कल्हेल से भल्लीघराट-नैला को जुंगराहर, हुदूंड, रैला इत्यादि गांव को सडक़ सुविधा से जोडऩे हेतु अभी तक किसी भी मद में किसी भी प्रकार का प्रावधान नहीं है। कारण जमीन का न होना है।
कैदियों से भर गई हिमाचल की जेलें
शिमला — हिमाचल की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रखे गये हैं। राज्य में जेलों की कुल क्षमता से 775 कैदी अधिक हैं। छोटे पहाड़ी राज्य में कुल 14 कारावास हैं। उनमें कुल कैदियों को रखने की क्षमता 2580 ही है। इन जेलों में कैदियों की कुल संख्या 3355 है। सभी जेलों में महिला कैदियों की संख्या 144 है। सभी जेलों में महिला कैदियों को रखने की क्षमता 210 कैदियों की है। वहीं, पुरुष कैदियों की संख्या 3211 है, जबकि सभी जेलों में पुरुष कैदियों को रखने की क्षमता 2370 कैदियों की है। ये खुलासा मानसून सेशन में हुआ है। कांग्रेस विधायक केवल पठानिया ने कैदियों, सुविधाओं, डॉक्टर्स की उपलब्धता पर सवाल किया था।
दो साल से नहीं बढ़ी कैंसर मरीजों की संख्या
शिमला — हिमाचल में जानलेवा कैंसर रोग को लेकर एक अच्छी खबर है। पहाड़ी राज्य में दो साल की अवधि में कैंसर रोगियों की संख्या लगभग स्थिर हुई है। हालांकि प्रदेश में वर्ष 2023 से 2026 की अवधि में सभी स्वास्थ्य संस्थानों में 84162 कैंसर रोगी इलाज के लिए पहुंचे। यह जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में नाचन के भाजपा विधायक विनोद कुमार ने प्रदेश में कैंसर मरीजों को लेकर सवाल किया था। लिखित जवाब में बताया गया कि राज्य में दो साल में कैंसर मरीजों की संख्या लगभग स्थिर रही है।
क्लास फोर की रिटायरमेंट एज नहीं बढ़ेगी
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 साल करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार के अनुसार, 10 मई, 2001 से पहले नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की रिटायरमेंट ऐज 60 साल है, जबकि 10 मई, 2001 या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 साल निर्धारित है। सरकार ने यह भी बताया कि सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 साल करने से जुड़े वित्तीय, प्रशासनिक या मानव संसाधन प्रभावों का कोई अध्ययन भी नहीं कराया गया है, क्योंकि वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
ग्राम रोजगार सेवकों के लिए नहीं बनेगी पॉलिसी
ग्राम रोजगार सेवकों के लिए अलग सेवा नीति बनाने या उनकी सेवा शर्तों को नियमित करने का सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। विधानसभा में उठाए गए सवाल पर सरकार ने वेतन को लेकर बताया कि जनवरी, 2026 तक सभी ग्राम रोजगार सेवकों का वेतन जारी किया जा चुका है। फरवरी से जून 2026 तक का वेतन मनरेगा के तहत बकाया है। वहीं जुलाई 2026 का वेतन जारी किया जा चुका है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में कुछ महीनों का वेतन देरी से जारी हुआ।
प्राइमरी खेलें बंद करने के सरकार ने बताए कारण
प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों पर सरकार ने विधानसभा में जवाब दिया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 के बाद इन्हें बंद कर दिया था। सरकार का कहना है कि इन प्रतियोगिताओं में बच्चों की भागीदारी कम रहती थी और छोटी उम्र के बच्चों की सुरक्षा व स्वास्थ्य को लेकर भी चिंताएं थीं। प्रतियोगिता में हर साल करीब एक करोड़ रुपए खर्च होते थे, लेकिन अपेक्षित खेल लाभ नहीं मिल पा रहा था। अगस्त से नवंबर तक प्रतियोगिताओं के कारण पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। अब सरकार का ध्यान अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं पर है। यह जानकारी मानसून सत्र से सामने आई।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
