उज्बेकिस्तान से मिलेगा यूरेनियम; चलेगा भारत का UPI; PM की यात्रा में हुए 11 ऐतिहासिक समझौते

By: Aug 30th, 2026 10:34 pm

वर्ष 2030 तक पांच अरब अमरीकी डालर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय
आईटी, इनोवेशन और स्वास्थ्य समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर

एजेंसियां — ताशकंद

भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने रिश्तों को एक नई ऊंचाई देते हुए रविवार को ‘कंप्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ में बदलने का फैसला किया। इसके तहत भारत को परमाणु ऊर्जा जरूरतों के लिए लंबे समय तक यूरेनियम की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है। साथ ही रक्षा, व्यापार और गिफ्ट सिटी जैसे आधुनिक शहरी विकास मॉडल पर सहयोग बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच रविवार को हुई वार्ता के बाद दोनों देशों ने 11 समझौतों और एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जबकि पांच प्रमुख घोषणाएं भी की गईं। दोनों देशों के बीच 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को पांच अरब डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, ऊर्जा और रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी महत्त्वपूर्ण फैसले हुए हैं। भारत और उज्बेकिस्तान ने यूरेनियम की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा महत्त्वपूर्ण खनिज संसाधनों और भूविज्ञान के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी समझौता हुआ है। इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक खनिजों की जरूरतों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था यूपीआई को उज़्बेकिस्तान के यूजेडक्यूआर सिस्टम से जोडऩे की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है।

इसके तहत भारतीय यूपीआई ऐप से उज़्बेकिस्तान में व्यापारियों के यूजेडक्यूआर को स्कैन कर भुगतान किया जा सकेगा। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी और कारोबारी लेनदेन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में व्यापार और निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मिनरल्स, माइनिंग, रक्षा और सुरक्षा, इनोवेशन, खेती, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आईटी समेत डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम आपसी सहयोग के सभी पहलुओं को दिशा देने के लिए विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद का गठन करेंगे। हम अपने संयुक्त आयोग को सचिव स्तर से मंत्री स्तर तक ले जाएंगे। दोनों पक्ष मिलकर एक बिजनेस सम्मिट का आयोजन करेंगे, जिसमें दोनों देशों के व्यापारिक नेता शामिल होंगे। इस दौरान उज्बेक राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने कहा कि भारत हमारा भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार है। पिछले साल हमारा द्विपक्षीय व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से ज्यादा रहा। अब हमारे देशों के बीच हर हफ्ते 14 सीधी उड़ानें हैं। ‘लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर’ और ‘महात्मा गांधी सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज’ हमारे मानवीय संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। हमारे देश में योग का दर्शन और अभ्यास तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। 2018 से एक समर्पित योग फेडरेशन काम कर रहा है और इस जून में पूरे उज़्बेकिस्तान में एक राष्ट्रव्यापी योग महोत्सव आयोजित किया गया था। भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन की वीजा-मुक्त व्यवस्था शुरू करने से लोगों के बीच संपर्क, पर्यटन और व्यापारिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में काफी मदद मिलेगी। बता दें कि पीएम मोदी दो दिन के उज्बेकिस्तान दौरे पर हैं। उन्होंने रविवार सुबह ताशकंद में एक योग सेशन में हिस्सा लिया। पीएम ने वहां मौजूद लोगों को योग करना भी सिखाया।

पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का सबसे बड़ा सम्मान

ताशकंद। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने पीएम नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च राज्य पुरस्कार ‘ओली दाराजली डस्टलिक’ से सम्मानित किया। उज्बेक भाषा में इसका मतलब है उच्च स्तरीय मित्रता। यह पीएम मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है


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