कचरा फैलाया तो लगेगा 200 रुपए जुर्माना, सार्वजनिक जगह थूकने पर देने होंगे 100 रुपए
कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को शहरी निकायों में घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करने की निगरानी के लिए एक क्यूआर-आधारित प्रणाली शुरू करते हुए लोगों से गीले और सूखे कचरे को घर पर ही अलग-अलग रखने तथा सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर 100 रुपए का जुर्माना लगाने की घोषणा की है। गौरतलब है कि इस पहल के तहत हर घर को एक क्यूआर कोड दिया जाएगा, जिससे नगर निगम के कर्मचारी कचरा अलग करने के नियमों के पालन को रिकॉर्ड कर सकेंगे और वास्तविक समय में फीडबैक अपलोड कर सकेंगे।
शहरी विकास और नगरपालिका मामलों (यूडीएमए) की मंत्री अग्निमित्रा पॉल द्वारा घोषित इस पहल के तहत खुले में शौच या पेशाब करने, कचरा फैलाने, अवैध रूप से कचरा फेंकने और प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल या उन्हें साथ रखने पर 200 रुपये का डिजिटल स्पॉट फाइन लगाया जायेगा। सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर 100 रुपये का जुर्माना लगेगा। नगर निगम के कर्मचारियों को कचरा उठाते समय घरों के कोड स्कैन करने के लिए क्यूआर-आधारित मोबाइल ऐप दिया जायेगा। यह प्रणाली रिकॉर्ड करेगा कि कचरा ठीक से अलग किया गया है या नहीं और नगरपालिकाओं को नियमों के पालन के बारे में वास्तविक समय की जानकारी देगा, जिससे वे उन घरों या इलाकों की पहचान कर सकेगा जहां अधिक जागरूकता और कार्रवाई की जरूरत है।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “इसका मुख्य उद्देश्य राजस्व कमाना या जुर्माने का लक्ष्य पूरा करना नहीं है बल्कि जिम्मेदार नागरिक व्यवहार और स्वेच्छा से नियमों का पालन करने को बढ़ावा देना है।” उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि यह पहल लोगों के व्यवहार में बदलाव लाए और साफ-सफाई से जुड़े अच्छे तौर-तरीकों को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया जाए। डिजिटल प्रवर्तन प्रणाली के तहत नगर पालिका के अधिकृत कर्मचारी नियमों के उल्लंघन को रिकॉर्ड कर सकेंगे, जियो-टैग वाली फोटो खींचकर सबूत जमा कर सकेंगे, डिजिटल चालान बना सकेंगे और क्यूआर कोड या ऑनलाइन पेमेंट के जरिए जुर्माना वसूल सकेंगे। उल्लंघन करने वाले को तुरंत डिजिटल रसीद दी जायेगी।
पॉल ने कहा कि शहरी निकायों का ध्यान जुर्माने को राजस्व के स्रोत के तौर पर देखने की बजाय ‘जागरूकता और व्यवहार में बदलाव’ पर होना चाहिए। विभाग ने पश्चिम बंगाल के सभी शहरी निकायों (यूएलबीएस) को निर्देश दिया है कि वे क्षेत्र अधिकारियों को जन-जागरूकता और लोगों को समझाने-बुझाने के काम में शामिल करें और नियमों के उल्लंघन के दौरान लिए गये मोबाइल नंबरों के जरिए बार-बार उल्लंघन करने वालों की पहचान करें। इसके साथ ही नगर पालिकाओं से कहा गया है कि वे जरूरत के हिसाब से कम्युनिटी बिन (सामुदायिक कचरा पात्र) खरीदें।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे कचरे को घर पर ही अलग-अलग रखें, तय शौचालयों का इस्तेमाल करें, कचरे का सही तरीके से निपटान करें और सार्वजनिक जगहों पर कचरा फैलाने या थूकने से बचें। गौरतलब है कि यह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रवर्तन अभियान, 2026 और उच्चतम न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के निर्देशों के अनुसार लागू की जा रही है। विभाग ने कहा कि शुरुआत में जुर्माना वसूलने का मुख्य तरीका डिजिटल या ऑनलाइन पेमेंट होगा, जबकि बाद में नकदी में जुर्माना वसूलने की व्यवस्था भी शुरू की जा सकती है।
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