कांगड़ा का सूखा खत्म… अस्पतालों को मिले 22 विशेषज्ञ डाक्टर
धर्मशाला से लेकर पालमपुर तक चमकी स्वास्थ्य सेवाएं; जिला के सरकारी अस्पतालों की बदलेगी तस्वीर, इलाज की मिलेगी बेहतर सुविधा
स्टाफ रिपोर्टर- धर्मशाला
कांगड़ा जिला के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने पीजी और सीनियर रेजीडेंसी पूरी करने वाले चिकित्सकों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत जिले के विभिन्न नागरिक और क्षेत्रीय अस्पतालों में 22 विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों को तैनाती दी गई है। नई नियुक्तियों से धर्मशाला, पालमपुर, नूरपुर, कांगड़ा, नगरोटा बगवां, शाहपुर और देहरा समेत अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जोनल अस्पताल धर्मशाला में एमओ इमरजेंसी मेडिसन की डा. आरुषि चौधरी, एनेस्थीसिया के डा. अभिनव मक्कड़, नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. अनन्या और रेडियो डायग्नोसिस विशेषज्ञ डा. हर्शिता कश्यप की तैनाती की गई है। जिला के दूसरे बड़े अस्पताल में उक्त चारों ही विभाग में एकमात्र विशेषज्ञ डाक्टर ही सेवाएं प्रदान कर रहे थे, जिससे उनके अवकाश व इमर्जेंसी सेवाएं होने पर कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहा था। अब एक-एक ओर तैनाती मिलने से स्वास्थय सेवाएं सुचारू रूप से चल सकेंगी। वहीं, आरपीजीएमसी टांडा में बायोकेमिस्ट्री, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और फार्माकोलॉजी विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनाती दी गई है।
नागरिक अस्पताल पालमपुर में मेडिसिन और हड्डी रोग, नूरपुर में मनोरोग, स्त्री रोग और बाल रोग, कांगड़ा में सर्जरी और हड्डी रोग, नगरोटा बगवां में हड्डी रोग, बाल रोग और एनेस्थीसिया, शाहपुर में हड्डी रोग व स्त्री रोग तथा देहरा में रेडियोडायग्नोसिस और पैथोलॉजी विशेषज्ञ तैनात किए गए हैं। ज्वालामुखी, डाडासीबा और जयसिंहपुर के स्वास्थ्य संस्थानों को भी विशेषज्ञ चिकित्सक मिले हैं। वहीं, कांगड़ा जिले में चिकित्सकों की कमी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चुनौती बनी हुई है। जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में चिकित्सकों के कुल 64 से 70 के करीब पद रिक्त थे। इनमें पांच ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, 59 मेडिकल ऑफिसर और पांच दंत चिकित्सकों के पद शामिल थे। विशेषज्ञों की कमी के कारण कई अस्पतालों में मरीजों को जांच और उपचार के लिए टांडा या धर्मशाला का रुख करना पड़ रहा था। इतना ही नहीं जोनल अस्पताल धर्मशाला में आत्यधिक मरीजों को रैफर की करने की नौबत पहुंच रही थी। हालिया स्थिति में भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मेडिसिन ओपीडी में एक ही डॉक्टर के भरोसे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार ने हाल में स्वास्थ्य विभाग में 300 डाक्टरों और 200 नर्सों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है। इसके अलावा पीजी और सीनियर रेजीडेंसी के कारण खाली होने वाले पदों को ध्यान में रखते हुए 300 पद प्रशिक्षु आरक्षित श्रेणी में रखने का भी प्रावधान किया गया है।
सीएमओ डाक्टर ओमेश भारती के बोल
स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ डाक्टर ओमेश भारती ने बताया कि सभी नियुक्त चिकित्सकों के अपने-अपने कार्यस्थल पर कार्यभार संभालने पर बड़ी राहत मिलेगी। नई तैनातियों से जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ उपचार मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
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