हमीरपुर के 60 रूट्स पर दौड़ रहीं इलेक्ट्रिक बसें, रोज डेढ़ लाख का फायदा
बद्दी, मंडी, ढलियारा और होशियारपुर रूट पर भी दनादन दौड़ रहीं निगम की नई बसें, डिपो में रोजाना बच रहा 1500 से 2000 लीटर डीजल
कार्यालय संवाददाता – हमीरपुर
प्रदेश सरकार द्वारा हरित परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने की मकसद से प्रदेश में खरीदी गई इलेक्ट्रिक बसें दनादन करेक लोकल व लांग रूटों पर दौड़ रही हैं। अगर हम हमीरपुर डिपो की बात करें तो यहां पर 35 इलेक्ट्रिक बसें सौगात के रूप में दी गई हैं। निगम की यह बसें दिन भर 60 के करीब लोकल रूटों पर दनादन करेक दौड़ रही हैं। यात्री भी इनमें सफर का खूब लुप्त उठा रहे हैं। निगम की इलेक्ट्रिक बसें हमीरपुर से बद्दी, हमीरपुर से मंडी, हमीरपुर से होशियारपुर और हमीरपुर से ढलियारा रूट पर भी अलग से दौड़ रही हैं। यात्री भी इन बसों में सफर करेक राहत की सांस ले रहे हैं। क्योंकि इन बसों का पता ही नहीं चलता कि यह चल रही हैं या फिर नहीं। निगम की इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों से खचाखच भरेक रूटों पर दौड़ रही हैं। बता दें कि हमीरपुर डिपो में इलेक्ट्रिक बसें रोजाना चार से पांच हजार किलोमीटर सफर कर रही हैं। निगम की नई इलेक्ट्रिक बसें लोकल और कुछेक लांग रूटों पर दनादन करेक दौड़ रही है। निगम की नई इलेक्ट्रिक बसें 40 से ऊपर माइलेज दे रही हैं, जोकि निगम के लिए राहत भरी खबर है। निगम की इलेक्ट्रिक बसें एचआरटीसी के खजाने को भरने में दिन-रात लगी हुई हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा कमाई डिपो में की जा सके।
सूत्रों की मानें तो हमीरपुर डिपो में ही रोजाना 1500 से 2000 डीजल की बजत हो रही है। ऐसे में निगम को रोजाना डेढ़ से पौने दो लाख रुपए की कमाई इलेक्ट्रिक बसों के जरिए हो रही है। हमीरपुर डिपो की सभी इलेक्ट्रिक गाडिय़ों को बारी-बारी हमीरपुर जिला के सभी लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के लोग करोड़ रुपए की गाड़ी में सफर का लुप्त उठा सकें। निगम की नई इलेक्ट्रिक बसों की साउंड भी काफी कम है। लोगों को पता ही नहीं चलता कि पीछे से बस आ रही है। हालांकि निगम प्रबंधन ने सभी ड्राइवरों को विशेष निर्देश दिए हैं कि वह सडक़ पर चलते समय हार्न को जरूर प्रयोग करें, ताकि सडक़ किनारे चल रहे लोगों को पता चल सके कि पीछ से बस आ रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक के पास भी कई लोग इलेक्ट्रिक बस चलाने की लगातार मांग कर रहे हैं, ताकि वह भी नई इलेक्ट्रिक बस में सफर कर सकें। हालांकि निगम सडक़ों की खस्ता हालत को देखते हुए ऐसे क्षेत्रों में नई बसें भेजने से जरूर कतरा रहा है, ताकि नई बसों को कोई नुकसान न पहुंच सके।
मंडरा रहा खतरा
निगम की इलेक्ट्रिक बसों की बॉडी भी काफी नीचे है, जिसे खराब सडक़ के चलते बस नीचे लगने का खतरा रहता है। फिलहाल निगम की नई इलेक्ट्रिक बसें लगातार रूटों पर दौड़ रही हैं।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
