मौसम की मार… कांगड़ा में 268 करोड़ बहे
दो महीने में बरसात में 33 लोगों की मौत; 67 गोवंश की गई जान, 53 घर ढहे
स्टाफ रिपोर्टर- धर्मशाला
कांगड़ा जिले में इस मानसून सीजन में बारिश, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। एक जुलाई से एक सितंबर तक मात्र दो माह में ही जिले में कुल 267 करोड़ 58 लाख 45 हजार रुपए का नुकसान दर्ज किया गया है। इस दौरान प्राकृतिक आपदाओं में 33 लोगों की मौत हुई है, जबकि 67 गोवंश की भी जान गई है। वहीं, जिला भर में 58 पक्के व कच्चे घर पूरी तरह से ढह गए, जबकि 150 के करीब घरों को नुक्सान हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मानसून नुकसान रिपोर्ट में कुल 479 नुकसान के मामले दर्ज किए गए हैं।
सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। जिले में लोक निर्माण विभाग की संपत्ति को 201 करोड़ 72 लाख 83 हजार रुपए यानी दो अरब से भी अधिक का नुकसान आंका गया है। जल शक्ति विभाग को 57 करोड़ 58 लाख 25 हजार रुपए और बिजली बोर्ड को एक करोड़ 64 लाख 46 हजार रुपए की क्षति हुई है। कृषि क्षेत्र में तीन करोड़ 84 लाख 41 हजार रुपए, जबकि बागवानी क्षेत्र में 10 लाख 74 हजार रुपए का नुकसान दर्ज किया गया है। निजी संपत्ति की बात करें तो 29 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे 50 लाख 60 हजार रुपए का नुकसान हुआ। 24 पक्के मकानों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से 33 लाख 20 हजार रुपए की क्षति दर्ज की गई। वहीं 28 पक्के और 113 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा, जिससे क्रमश: 15 लाख 78 हजार और 48 लाख 4 हजार रुपए का नुकसान हुआ। 169 पशुशालाओं को नुकसान से 38 लाख 12 हजार रुपये की क्षति आंकी गई है। इसके अलावा सात दुकानों को चार लाख 80 हजार रुपए, निजी डंगे को चार लाख 50 हजार रुपए और एक श्रमिक शेड, रसोई, स्नानघर या झोंपड़ी को 10 हजार रुपए का नुकसान हुआ। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से मानसून के दौरान नुकसान का लगातार आकलन किया गया है।
उपायुक्त हेमराज बैरवा के बोल
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव को प्राथमिकता दी जा रही है। आपदा के मामलों में प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई और नुकसान का विभागवार आकलन करने पर भी जोर दिया गया है।
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