पौंग डैम में कम पानी ने बढ़ाई टेंशन, मानसून कमजोर होने से 20 फुट नीचे रहा जलस्तर, सिंचाई-बिजली पर संकट

By: Sep 23rd, 2026 12:06 am

निजी संवाददाता-नगरोटा सूरियां

पौंग झील में इस बार जलस्तर अपेक्षा के अनुरूप नहीं पहुंच पाने से आने वाले समय में सिंचाई और जल प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है। कमजोर मानसून और अपेक्षाकृत कम बारिश के कारण जलाशय में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20 फुट कम पानी बताया जा रहा है। सितंबर में जलस्तर करीब 1370 फुट के आसपास रहने से आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता पर नजर बनी हुई है। पौंग बांध का पानी हिमाचल के अलावा राजस्थान सहित अन्य क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था से भी जुड़ा है।

ऐसे में जलाशय में कम भंडारण रहने पर आगामी रबी सीजन में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। पर्याप्त पानी न मिलने की स्थिति में राजस्थान के कुछ सिंचित क्षेत्रों में फसलों के रकबे और उत्पादन पर भी असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार पौंग झील का जलस्तर काफी नीचे है। करीब 20 फुट कम पानी होने से जलाशय की कुल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है।

राजस्थान तक पड़ेगी मार

पौंग बांध से मिलने वाला पानी राजस्थान के सिंचाई क्षेत्रों के लिए भी महत्त्वपूर्ण है। जलाशय में कम पानी रहने पर आगामी महीनों में राजस्थान में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता कम हो सकती है।

फसलों पर असर

सिंचाई को पर्याप्त पानी न मिलने पर राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में फसलों का रकबा घट सकता है। वास्तविक प्रभाव आगामी जल आबंटन और उपलब्ध पानी पर निर्भर करेगा।

बिजली उत्पादन भी घटेगा

पौंग जलाशय का पानी विद्युत उत्पादन के लिए भी उपयोग होता है। जलस्तर कम रहने पर आने वाले समय में बिजली उत्पादन की क्षमता और जल प्रबंधन पर दबाव पड़ सकता है।


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