अब सडक़ों पर सुहाना होगा सफर, टायरिंग का काम शुरू, हिमाचल में 2500 किलोमीटर का है लक्ष्य
लोक निर्माण विभाग ने एएमपी, नाबार्ड, सीआरआईएफ और पीएमजीएसवाई के तहत 2500 किमी सडक़ों की टारिंग का रखा है लक्ष्य
साढ़े तीन सौ करोड़ के करीब राशि की जाएगी खर्च, कुल्लू-रामपुर समेत अन्य हिस्सों में शुरू हुआ काम
वरिष्ठ संवाददाता-शिमला
लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश की सडक़ों पर टारिंग का काम युद्वस्तर पर आरंभ कर दिया है। टारिंग के अनुकूल मौसम होने के चलते विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में यह काम शुरू किया है। विभाग ने राज्य भर में अढाई हजार किलोमीटर के हिस्से में टारिंग करने का लक्ष्य रखा है। जिसमें अकेले 1100 किलोमीटर सडक़ के हिस्से में टारिंग एनुअल मेनटेनेंस प्लान के तहत होनी है। बहरहाल अब मौसम का साथ मिलता है, तो विभाग तय लक्ष्य को हासिल कर लेगा। जानकारी के अनुसार बिटुमिन की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते प्रदेश में सीजन के दौरान टारिंग का कामकाज प्रभावित हुआ था। जिस समय कार्य ठेकेदारों को अवार्ड किए गए थे, वह उस रेट पर काम करने के लिए तैयार नहीं थे। देश भर के विभिन्न राज्यों में यह स्थिति पैदा हुई थी। उधर,प्रदेश में टारिंग को लेकर तय लक्ष्य को इसी वर्ष हासिल करने के लिए विभाग ने मौसम के अनुकूल होने पर कार्य चलाने का फैसला लिया था। उधर, मौसम से मिली कुछ राहत और टारिंग के अनुकूल परिस्थितियां होने पर विभाग ने टारिंग का काम आरंभ कर दिया है।
इसके तहत 2502 किलोमीटर हिस्से में विभाग यह कार्य करेगा। जिसमें 1126 किलोमीटर टारिंग ऐनुअल मेंटनेस प्लान के तहत की जाएगी। जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत एक हजार किलोमीटर तथा नाबार्ड में 351 व सीआरआईएफ में 25 किलोमीटर सडक़ पर टारिंग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उधर, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ ई. एनपी सिंह का कहना है कि रामपुर और कुल्लु में सडकों पर टारिंग का काम शुरू कर दिया गया है। उनका कहना है कि इस कार्य पर साढ़े तीन सौ करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। टारिंग हेतु विभाग की तरफ से टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मौसम का साथ मिलता है, तो विभाग तय लक्ष्य को हासिल कर लेगा।
—अजय
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