सायर मेला… नाटी किंग कुलदीप शर्मा के गानों पर थिरका अर्की

By: Sep 19th, 2026 12:59 am

सौरव अत्रि और नितीश राजपूत की प्रस्तुतियों ने भी जमाया रंग, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और विधायक संजय अवस्थी ने की शिरकत
स्टाफ रिपोर्टर-अर्की
ऐतिहासिक राज्य स्तरीय सायर मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या संगीत, नाटी और मनोरंजन के नाम रही। प्रसिद्ध नाटी किंग कुलदीप शर्मा, सौरव अत्रि और नितीश राजपूत ने अपनी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों से हुई। नरेश ठाकुर, अंजलि नानक, ज्योति शर्मा, दीक्षा वर्मा, जितेंद्र कुमार, प्रवीण राज, रेणु और निशा बाला सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा। इसके बाद मंच पर नाटी किंग कुलदीप शर्मा ने मोर्चा संभाला। उनकी प्रस्तुतियों ‘रोहड़ू जाणा मेरी आमिये’, ‘ओ नीलमा’, ‘रूमटिये’ और ‘शिल्पा शिमले वालिये’ जैसे गीतों ने खूब रंग जमाया। कुलदीप शर्मा की प्रस्तुति के दौरान पूरा चौगान तालियों और सीटियों से गूंज उठा। सौरव अत्रि ने भी अपनी दमदार गायकी से दर्शकों को खूब झुमाया। उन्होंने पहाड़ी लोकगीतों के साथ विभिन्न लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उन्होंने हिंदी गाने अंदाज़े करम, पहाड़ी नाटी तेरा मेरा प्यार, काला बाश कौआ तथा पहाड़ी गिद्दा खाना पीणा नंद लैनी आदि गीत सुना दर्शकों का मनोरंजन किया। वहीं नितीश राजपूत ने भी अपनी सुरीली आवाज और शानदार मंचीय अंदाज से दर्शकों को रिझाया। उनकी प्रस्तुति के दौरान भी दर्शक खूब झूमे। उन्होंने जानियां, नित खैर मंगा सोनेया, दिल लै गई कुड़ी गुजरात दी, काली काली जुल्फेें आदि प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को रिझाया।

सांस्कृतिक संध्या में स्वास्थ्य मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। साथ ही स्थानीय विधायक संजय अवस्थी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। मुख्यतिथि ने दीप प्रज्वलित कर संध्या का शुभारम्भ किया । मुख्यातिथि डा. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने सायर मेले के सफल आयोजन के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और मेलों से है। सायर जैसे पारंपरिक मेले हमारी संस्कृति और लोक विरासत को संजोने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोडऩे का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि मेले केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से समाज में आपसी मेलजोल, भाईचारा और सामाजिक समरसता भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में अपनी पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का सामूहिक दायित्व है। सायर मेले की अपनी विशिष्ट पहचान और परंपरा है, जिसे आगे भी इसी तरह बनाए रखने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने मेले में स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध करवाने की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से मेले में बढ़-चढक़र भाग लेने तथा इसकी पारंपरिक गरिमा को बनाए रखने का आह्वान किया। इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सतीश कश्यप, नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा शर्मा, अन्य पार्षद व गणमान्य उपस्थित रहे।


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