रट्टा मारने से छुटकारा; विज्ञान पढ़ाने का अंदाज बदलेंगे शिक्षक, जानिए कैसे
मंडी आईआईटी में दिल्ली के अध्यापकों को परमाणु संरचना आसानी से सुलझाने का दिया जा रहा प्रशिक्षण
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-कमांद
मंडी आईआईटी में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में तैनात साइंस मास्ट्ररों की पढ़ाई हो रही है। छात्रों में रटने से आगे सीखने की ललक पैदा करने के लिए ही शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आईआईटी में इन शिक्षकों को परमाणु संरचना को आसान तरीके से समझाया जा रहा है। इसके साथ ही रासायनिक समीकरणों को समझाने की बेहतर समझ विकसित की जा रही है। विज्ञान की जटिल अवधारणों को क्लास रूम में कैसे आसान बनाकर छात्रों को बताया जा सकता है इसका प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के तत्वावधान में दिल्ली सरकार के विद्यालयों में कार्यरत 40 प्रशिक्षित स्नातक टीजीटी विज्ञान शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय विशेष क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण 15 सितंबर तक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के सेंटर फॉर कंटीन्यूइंग एजुकेशन में दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम परिषद की निदेशक डा. रीता शर्मा तथा संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डा. मुकेश यादव के नेतृत्व में चल रहा है। इस संपूर्ण आयोजन का संचालन एससीईआरटी दिल्ली के सेवाकालीन शिक्षक प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी डा. संजय और शैक्षिक अनुभवात्मक प्रशिक्षण प्रभाग के प्रमुख डा. मुकेश कुमार के पर्यवेक्षण में किया जा रहा है।
रट्टा मारने से छुटकारा
कार्यक्रम के समन्वयक अंतरिक्ष मोरल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना रटंत प्रणाली से परे जाकर अनुभवात्मक अधिगम और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
आईआईटी शोध और स्कूली शिक्षा में बनेगा सेतु
प्रोग्राम के समन्वयक आशु जाखड़ ने बताया कि आईआईटी जैसे शीर्ष शोध संस्थान और स्कूली शिक्षा के बीच का यह सेतु शिक्षकों के दृष्टिकोण को व्यापक बना रहा है। शिक्षक विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सहज और व्यावहारिक तरीकों से प्रस्तुत करने की कला सीख रहे हैं, जो शांत प्राकृतिक परिवेश में हुए इस बौद्धिक संवाद के माध्यम से दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एक सकारात्मक शैक्षणिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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