बच्चों में एंग्जायटी होने पर दिखाई दे सकते हैं ये लक्षण, Parents भूलकर भी न करें इग्नोर

By: Sep 7th, 2026 7:43 pm

आज के समय में बच्चों का जीवन पहले की तुलना में काफी बदल चुका है। पढ़ाई का दबाव, परीक्षा का तनाव, माता-पता की उम्मीदें, सोशल मीडिया का प्रभाव और दोस्तों के बीच तुलना इन सभी का असर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसी वजह से बच्चों में एंग्जायटी की समस्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण बहुत सामान्य लगते हैं, इसलिए माता-पिता अकसर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो बच्चे को सही मदद देकर स्थिति को गंभीर होने से बचाया जा सकता है।

छोटी बातों पर ज्यादा चिंता करना

अगर बच्चा हर बात को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने लगे, जैसे स्कूल टेस्ट होमवर्क या दोस्तों की बातों को लेकर बार-बार परेशान रहना, तो यह एंग्जायटी का संकेत हो सकता है। ऐसे बच्चे अकसर अगर ऐसा हो गया तो क्या होगा, जैसी सोच में उलझे रहते हैं।

बिना कारण डर महसूस करना

बच्चा अचानक अकेले रहने से डरने लगे, स्कूल जाने में घबराए या नए लोगों से मिलने में असहज महसूस करें, तो यह भी चिंता का शुरुआती संकेत हो सकता है। कई बार वे बिना किसी स्पष्ट कारण के डर महसूस करते हैं।

पसंदीदा गतिविधियों से दूरी बनाना

जो बच्चा पहले पढ़ाई, खेल या किसी एक्टिविटी में रुचि लेता था, अगर अचानक उसमें मन न लगने लगे या वह उनसे बचने लगे, तो यह मानसिक तनाव का संकेत हो सकता है।

व्यवहार में बदलाव आना

ऐसे बच्चों का व्यवहार अचानक बदल सकता है। वे ज्यादा चिड़चिड़े हो सकते हैं, जल्दी गुस्सा कर सकते हैं या छोटी बातों पर रोने लगते हैं। कुछ बच्चे इसके विपरीत बहुत ज्यादा शांत और अकेले रहने लगते हैं।

शरीर में बार-बार शिकायतें होना

एंग्जायटी का असर शरीर पर भी दिखता है। बच्चे को बार-बार पेट दर्द, सिर दर्द, थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है, जबकि मेडिकल जांच में कोई गंभीर समस्या नहीं मिलती।

नींद से जुड़ी समस्याएं 

बच्चे को रात में नींद आने में परेशानी हो सकती है, वह देर तक जाग सकता है या डरावने सपने देख सकता है। नींद पूरी न होने से उसका दिन भी प्रभावित होता है।

लोगों से दूरी बनाना

अगर बच्चा धीरे-धीरे दोस्तों से कम बात करने लगे और अकेले रहना पसंद करे, तो यह भी चिंता का संकेत हो सकता है। वह सामाजिक गतिविधियों से बचने लगता है।

इन बातों का रखें ध्यान

बच्चों में एंग्जायटी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआत में इसके संकेत बहुत सामान्य लगते हैं। लेकिन माता-पिता अगर ध्यान से बच्चे के व्यवहार, भावनाओं और आदतों पर नजर रखें, तो समय रहते इसे पहचान सकते हैं। सही समय पर बातचीत, समझ और सहयोग से बच्चे को इस स्थिति से बाहर निकाला जा सकता है और उसका आत्मविश्वास फिर से बढ़ाया जा सकता है।


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