सड़क बंद होने का दर्दनाक मंजर, बुजुर्ग महिला के शव को डंडे से बांधकर 6 KM पैदल चले ग्रामीण
सूरत पुंडीर नाहन
नाहन: सिरमौर जिला में बरसात के दौरान बंद हुई ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को भले ही बहाल किए जाने के दावे विभाग कर रहा हो परंतु जिला मुख्यालय नाहन के समीपवर्ती क्षेत्र में इन दावों की उस वक्त पोल खुली जब एक बुजुर्ग महिला के शव को एक डंडे से बांधकर परिजन व गांव के लोगों को करीब पांच से छह किलोमीटर पैदल चलकर गांव पंहुचाना पड़ा । मृतक महिला के परिजन पहले ही परिवार की एक वृद्ध महिला की मृत्यु से आहत थे ऊपर से शव को घर तक पंहुचाने में कड़ी मशक़्क़त झेलनी पड़ी । यह दर्दनाक तस्वीर नाहन विधानसभा में सुविधाओं की पोल खोलती है। घटना नाहन के धारटीधार इलाके की धगेड़ा पंचायत के तीना गूलरवाला गांव की है । बरसात के बीच करीब ढाई-तीन महीने से गांव को जोड़ने वाली सड़क बंद पड़ी है । सड़क के बंद होने के कारण 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ‘परमा देवी’ के शव को उनके अपने ही गांव तक पहुंचाना एक अग्निपरीक्षा बन गया।
मजबूरी ऐसी कि परिजनों और ग्रामीणों को शव को डंडे से बांधना पड़ा और उबड़-खाबड़ रास्ते पर करीब छह किलोमीटर तक पैदल चलकर गांव पहुंचना पड़ा। इसके बाद ग्रामीण शव को श्मशानघाट ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।जानकारी के अनुसार तिना गुलरवाला गांव की रहने वाली परमा देवी लंबे समय से बीमार चल रही थीं। शनिवार रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नाहन से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां रविवार सुबह करीब चार बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव को चंडीगढ़ से रामा धगेड़ा मुख्य सड़क तक वाहन में लेकर पहुंचे। उनके गांव तक जाने वाली सड़क बंद होने के कारण वाहन आगे ले जाना नामुमकिन था, लेकिन अपनों को अंतिम सफर तक पहुंचाने की तड़प में ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी ग्रामीणों ने शव को डंडे में बांधा और उसे कंधों के सहारे करीब छह किलोमीटर तक पैदल लेकर गांव पहुंचे। मृतका के बेटे रामेंद्र के साथ बीडीसी सदस्य एवं पूर्व पंचायत प्रधान वीरेंद्र सिंह ठाकुर, रोहित, अनिल, सुरेंद्र और पिंकू ने यह पूरा रास्ता तय किया। गांव पहुंचने के बाद शव को श्मशानघाट तक ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब आठ किलोमीटर लंबी तीना गुलरवाला सड़क वर्ष 2014 में बनी थी। इसी दौरान तत्कालीन विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने सड़क का उद्घाटन किया था। यह सड़क रामा-धगेड़ा मुख्य मार्ग से तिना गुलरवाला सहित बेंदली, रोज काटली और आसपास के कई गांवों को जोड़ती है। आगे यह मार्ग जलमूसा होते हुए कोलर के समीप कटासन मंदिर के पास पांवटा साहिब-कालाअंब राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ता है।
उधर मामले की पुष्टि करते हुए स्थानीय बीडीसी सदस्य वीरेंद्र सिंह ठाकुर समेत ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बंद होने का खमियाजा सिर्फ मौत के बाद ही नहीं, बल्कि जीती-जागती जिंदगी में भी भुगतना पड़ रहा है। बीमार लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाना जंग जीतने जैसा है और किसानों की फसलें मंडियों तक न पहुंच पाने से बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने बताया कि ये सड़क अभी पंचायत के अधीन है। हर साल लोक निर्माण विभाग बंद सड़क को बहाल करता है, लेकिन इस बार अभी तक सड़क बंद है। ग्रामीणों ने इस सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की है, ताकि लोगों को इसकी सुविधा मिल सके। उधर, पंचायत प्रधान नरेंद्र ने माना कि सड़क बंद है। इस बारे विभाग को पहले ही अवगत करवा दिया है। उन्होंने कहा कि सड़क को जल्द बहाल करवाया जाएगा।
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