हिमाचल में अब बीएड की पढ़ाई में शामिल होगी AI, 80 से अधिक कॉलेजों में लागू करने की तैयारी

By: Oct 25th, 2026 4:55 pm

कार्यालय संवाददाता-शिमला

हिमाचल प्रदेश में अब शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं को भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई से जोड़ा जाएगा। बीएड पाठ्यक्रम में एआई को शामिल करने की तैयारी की जा रही है, ताकि भावी शिक्षकों को आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षक प्रशिक्षण में एआई के उपयोग को शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत शिक्षकों को एआई की मदद से पाठ योजना तैयार करने, कठिन विषयों को सरल भाषा में समझाने और विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार शिक्षण सामग्री विकसित करने का प्रशिक्षण देने की योजना है।

हिमाचल प्रदेश के 80 से अधिक बीएड कॉलेजों में इस पहल को लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हालांकि, प्रदेश में इसे लागू करने की समयसीमा अभी तय नहीं हुई है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत भावी शिक्षकों को बताया जाएगा कि एआई का इस्तेमाल करके पाठ योजना कैसे तैयार की जा सकती है और अलग-अलग विषयों को विद्यार्थियों के लिए अधिक सरल एवं रोचक कैसे बनाया जा सकता है। इसके अलावा अध्ययन सामग्री तैयार करने, कठिन अवधारणाओं को उदाहरणों के माध्यम से समझाने और विद्यार्थियों की सीखने की जरूरत के अनुसार शिक्षण गतिविधियां विकसित करने में भी एआई की मदद लेने का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। इसके लिए बीएड कॉलेजों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता होगी, ताकि वे भावी शिक्षकों को नई तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल से परिचित करा सकें।

जीपीटी और डीपसीक मॉडल की भी मिलेगी जानकारी

शिक्षक प्रशिक्षण में पारंपरिक एआई प्रणालियों के साथ जेनरेटिव एआई और विभिन्न एआई मॉडल की कार्यप्रणाली से परिचित कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। इनमें जीपीटी, डीपसीक और एलएलएएमए जैसे मॉडल शामिल हैं। इन तकनीकों की सहायता से शिक्षण सामग्री तैयार करने और जटिल विषयों को आसान तरीके से समझाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, एआई से तैयार सामग्री की तथ्य-जांच करना और उसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना भी प्रशिक्षण का अहम हिस्सा होगा। विद्यार्थियों की गोपनीयता और शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका को बनाए रखना भी जरूरी होगा।

सरकारी स्कूलों में बेहतर पढ़ाई की तैयारी

हिमाचल प्रदेश में इससे पहले भी शिक्षकों को एआई का प्रशिक्षण देने की पहल की गई है। अब बीएड की पढ़ाई में इस तकनीक को शामिल करने की तैयारी से शिक्षक बनने से पहले ही युवाओं को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराने का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में सरकारी स्कूलों में तकनीक आधारित पढ़ाई को बढ़ावा मिल सकता है। खासकर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों के लिए डिजिटल संसाधनों का सही इस्तेमाल उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, इसके लिए इंटरनेट सुविधा, डिजिटल उपकरण और नियमित प्रशिक्षण की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी।


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