आउटसोर्स कम्प्यूटर टीचर्ज को LDR कोटा, कैबिनेट ने दी मंजूरी, अब विभाग तय करेगा भर्ती का प्रारूप
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
दो दिन पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य में करीब 25 वर्षों से आउटसोर्स पर तैनात कम्प्यूटर टीचर्स को भी लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट कोटा यानी एलडीआर देने पर फैसला हुआ है। कैबिनेट के मिनट्स में एसएमसी के बाद ये लाभ आउटसोर्स शिक्षकों को भी देने का निर्णय हुआ है। इस बारे में शिक्षा विभाग से गए एजेंडे में सिर्फ एसएमसी के लेक्चरर्स को यह कोटा देने का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन अब मिनट्स में आउटसोर्स का भी जिक्र है। 25 वर्षों से स्कूलों में तैनात करीब 1300 कम्प्यूटर टीचर अब भर्ती परीक्षा देने को तैयार होते हैं या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। यह पहली बार है कि राज्य सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को इस तरह का कोटा दिया है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 1300 आउटसोर्स कम्प्यूटर शिक्षक पिछले लगभग 25 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) की शिक्षा शुरू करने के लिए वर्ष 2001-02 में यह व्यवस्था शुरू की गई थी। इतने लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद इन शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा शर्तों का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। शुरुआत में प्रदेश के 234 सरकारी स्कूलों में आईटी विषय की पढ़ाई शुरू की गई थी। इसके बाद शैक्षणिक सत्र 2002-03 में 260 और स्कूलों को इस व्यवस्था में शामिल किया गया। वर्ष 2005 तक आईटी शिक्षा का विस्तार 588 स्कूलों तक हो गया था। धीरे-धीरे सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा का दायरा बढ़ा और इसके लिए कंप्यूटर शिक्षकों की सेवाएं ली जाने लगीं। अब भर्ती प्रक्रिया की शर्तों, पात्रता और आगे की कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक विवरण पर नजर रहेगी।
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