नैनो प्रौद्योगिकी से सतत विकास को मिलेगी नई दिशा
महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न, 240 शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं- छात्रों ने कराया पंजीकरण
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बीबीएन
महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय में आयोजित एक सप्ताह की राष्ट्रीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने नैनो प्रौद्योगिकी की नवीनतम प्रगति और सतत विकास में इसके उपयोगों पर विचार साझा किए। विश्वविद्यालय के नैनो प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र द्वारा नैनो प्रौद्योगिकी सतत भविष्य के लिए उभरता विज्ञान विषय पर आयोजित कार्यशाला का गुरुवार को समापन हुआ। नौ से 15 अक्तूबर तक प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम से आयोजित कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से 240 शिक्षाविदों शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। कार्यशाला में विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने नैनो प्रौद्योगिकी के विविध पहलुओं पर व्याख्यान दिए।
विशेषज्ञ वक्ताओं में केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब बठिंडा के प्रोफेसर जगदीश कुमार, राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के डाक्टर अरुण कुमार, औषधि विज्ञान महाविद्यालय सोनीपत के डा. विनायक भूषण, दिल्ली औषधि विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय की डाक्टर सुषमा तलेगांवकर, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के डाक्टर गुलाब सिंह, केआर मंगलम विश्वविद्यालय के डाक्टर आरुष शर्मा, क्वाजुलु-नटाल विश्वविद्यालय के डाक्टर मुकेश कुमार वर्मा और शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन के डाक्टर पंकज कुमार शामिल रहे। कुलपति प्रो.प्रदीप सिंह वालिया ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभिन्न विषयों से जुड़े शोधकर्ताओं के बीच सहयोग और वैज्ञानिक नवाचार जरूरी हैं। कुलसचिव प्रोफेसर पंकज नांगलिया ने सहराना करते हुए आयोजन समिति को बधाई दी।
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