छात्र नेताओं पर हमले के विरोध में एसएफआई का प्रदर्शन

By: Oct 20th, 2026 12:02 am

डीसी कार्यालय के बाहर जताया रोष, 17 अक्तूबर की घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू), मंडी में एसएफआई के राज्य सचिव सनी सेक्टा और राज्य कमेटी सदस्य ऋत्विक पर कथित हमले के विरोध में सोमवार को एसएफआई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी और एसएफआई शिमला नगर कमेटी ने उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया। एसएफआई ने 17 अक्तूबर को हुई इस घटना की निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई। एसएफआई के अनुसार, दोनों छात्र नेता विश्वविद्यालय प्रशासन से मिलने जा रहे थे, इसी दौरान उन पर हमला किया गया। संगठन ने कहा कि छात्रों के मुद्दे प्रशासन के समक्ष उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में छात्र नेताओं पर हमला करना निंदनीय है। इस तरह की घटनाओं से विश्वविद्यालय परिसरों में भय का माहौल बनता है और छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास होता है। एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने दो निहत्थे छात्र नेताओं पर हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह एबीवीपी की राजनीतिक असहिष्णुता को दर्शाता है।

छात्र संगठनों के बीच वैचारिक मतभेदों का जवाब हिंसा के बजाय तर्क और लोकतांत्रिक बहस से दिया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय स्वतंत्र विचार, वैज्ञानिक चेतना और लोकतांत्रिक संवाद के केंद्र होने चाहिए, न कि विरोधियों को डराने के स्थान। संगठन ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक परिसरों में वैचारिक असहमति के चलते हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। एसएफआई ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला में वर्ष 2025 के दौरान छात्र संगठनों के बीच हुई झड़पों का हवाला देते हुए छात्र सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। एसएफआई ने राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और सरदार पटेल विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि 17 अक्तूबर की घटना की निष्पक्ष जांच कर हमले में शामिल लोगों की पहचान की जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई हो और किसी भी राजनीतिक दबाव में जांच प्रभावित न होने दी जाए। संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी छात्र संगठन की निजी जागीर नहीं हैं। छात्रों को अपने विचार रखने, संगठन बनाने और प्रशासन के समक्ष मांगें उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार है। एसएफआई ने स्पष्ट किया कि छात्र नेताओं की सुरक्षा, लोकतांत्रिक स्वतंत्रता, विश्वविद्यालय परिसरों में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए संगठन संघर्ष जारी रखेगा।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App