शिमला में गरजे असम के CM हिमंत सरमा, 2027 में भाजपा की सरकार बनने का किया दावा

By: Nov 1st, 2026 4:48 pm

वरिष्ठ संवाददाता-शिमला

कांग्रेस की दिल्ली रैली के जवाब में रविवार को भाजपा ने शिमला में पदयात्रा निकाल कांग्रेस, राहुल गांधी और प्रदेश सरकार पर तीखे वार किए हैं। लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि हिमाचल से कांग्रेस सरकार की विदाई तय है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि शिमला में उमड़ा जनसमर्थन साफ संकेत दे रहा है कि अगले वर्ष इसी समय हिमाचल में भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री होगा। इससे पहले भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा शिमला के पुराने लोकल बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारा साहिब पार्किंग से प्रारंभ हुई। जिसके बाद विक्ट्री टनल और विधानसभा मार्ग से होते हुए चौड़ा मैदान पहुंची, जहां विशाल जनसभा का आयोजन किया गया।

पदयात्रा में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए।

मुख्यमंत्री सरमा ने देवभूमि हिमाचल प्रदेश को नमन करते हुए कहा कि वह मां कामाख्या की धरती असम से देवी-देवताओं की पावन भूमि हिमाचल आए हैं। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रदेश में राजनीतिक परिवर्तन के लिए अभी से जुट जाएं। हिमंत बिस्वा सरमा प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिस ईवीएम के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में चुनाव हुए और कांग्रेस सत्ता में आई, उसी मतदान प्रणाली के विरोध में पूरी सरकार दिल्ली में प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा यदि कांग्रेस को ईवीएम पर भरोसा नहीं है, तो मुख्यमंत्री सुक्खू बताएं कि वह उसी चुनाव प्रणाली से प्राप्त जनादेश के आधार पर मुख्यमंत्री क्यों बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीतती है तो ईवीएम पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन भाजपा की जीत होते ही निर्वाचन आयोग और मतदान प्रणाली पर आरोप लगाने लगती है। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें चुनाव प्रणाली पर इतनी आपत्ति है तो वह अपनी रायबरेली लोकसभा सीट की जीत और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के संदर्भ में भी अपना रुख स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति में एक ही चुनाव प्रणाली को अपनी जीत पर सही और भाजपा की जीत पर गलत बताने का दोहरा मापदंड दिखाई देता है।

एसआईआर पर कांग्रेस का विरोध, घुसपैठियों को लेकर उठाए सवाल

असम के मुख्यमंत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। सरमा ने कहा कि पात्र भारतीय नागरिकों के मतदान अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए, लेकिन अपात्र नामों की पहचान और नियमानुसार कार्रवाई का भी विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि जब कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के नाम मतदाता सूचियों में मौजूद हैं, तो वे किस आधार पर पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को संदिग्ध बता रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर बांग्लादेश और नेपाल की राजनीतिक घटनाओं का उदाहरण देकर देश में अस्थिरता का वातावरण बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

1984 के सिख विरोधी दंगों पर राहुल गांधी से माफी की मांग

मुख्यमंत्री सरमा ने 1 नवंबर की तारीख का उल्लेख करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सिख समुदाय के विरुद्ध भयावह हिंसा हुई थी। उन्होंने दिल्ली में हजारों सिखों की हत्या का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेतृत्व की ऐतिहासिक जवाबदेही पर सवाल उठाए। सरमा ने राहुल गांधी से मांग की कि वह 1 नवंबर को दिल्ली में राजनीतिक रैली करने से पहले 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

हिमाचल में पांच लाख रोजगार का वादा अधूरा

हिमंत बिस्वा सरमा ने असम और हिमाचल प्रदेश की सरकारों के कामकाज की तुलना करते हुए कहा कि असम में भाजपा सरकार ने एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था और उनके अनुसार लगभग 1.07 लाख युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस ने पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन प्रदेश के युवा आज भी रोजगार के अवसरों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि हिमाचल में कांग्रेस ने पांच लाख रोजगार का वादा किया था, अब सरकार बताए कि कितने युवाओं को रोजगार मिला।

मतपत्र से भी हार रही कांग्रेस, फिर वोट चोरी का शोर क्यों?

असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ईवीएम पर आरोप लगाती है, जबकि मतपत्रों से होने वाले चुनावों में भी उसे राजनीतिक पराजय का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने हिमाचल के जिला परिषद चुनावों तथा विभिन्न राज्यों के विधान परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि भाजपा ने मतपत्रों के माध्यम से भी महत्वपूर्ण चुनावी सफलता हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी पराजय के लिए मतदान प्रणाली को दोष देने के बजाय जनता से किए गए वादों और अपने संगठनात्मक प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।


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