Divya Himachal Survey: क्या हिमाचल में पटाखों पर रोक लगनी चाहिए, लोगों ने दी अपनी राय
‘दिव्य हिमाचल’ के सर्वे में सैकड़ों लोगों ने दी राय, 34 प्रतिशत ने रोक के विरोध में रखा पक्ष
हैडक्वार्टर ब्यूरो — मटौर
दिवाली की रौनक में पटाखों का शोर कितना जरूरी है और इसकी कीमत पर्यावरण को कितनी चुकानी पड़ती है, यह सवाल हिमाचल में एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। दिव्य हिमाचल के ताजा सर्वे में शामिल लोगों के जवाब ने इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने रखी है। सर्वे में 63 फीसदी लोगों ने हिमाचल में पटाखों पर रोक लगाने की पैरवी की है, जबकि 34 फीसदी ने रोक के पक्ष में अपनी सहमति नहीं जताई। तीन फीसदी लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने इस पर कोई स्पष्ट राय नहीं दी। कुल 967 लोगों ने सर्वे में हिस्सा लेकर अपनी बात रखी।
दिव्य हिमाचल टीवी के यूट्यूब प्लेटफार्म पर 492 लोगों ने मतदान किया, जबकि फेसबुक पर भी बड़ी संख्या में यूजर्स ने कमेंट के जरिए अपनी राय साझा की। दिव्य हिमाचल डॉट कॉम पर सैकड़ों पाठकों ने इस सवाल पर मत रखा। सर्वे में तीन फीसदी लोगों ने ‘पता नहीं’ का विकल्प चुना। यह हिस्सा बताता है कि कुछ लोग इस मुद्दे पर अभी स्पष्ट पक्ष लेने की स्थिति में नहीं हैं। वहीं सर्वे के कमेंट सेक्शन में अनमोल धीमान ने सवालिया लहजे में पूछा कि पटाखों पर रोक लगाने का ख्याल सिर्फ दिवाली पर ही क्यों आता है।
फेसबुक पर ऐसे उठाए सवाल
दिव्य हिमाचल टीवी के फेसबुक पेज पर सर्वे को लेकर यूजर्स ने बेबाक टिप्पणियां कीं। धर्मपाल ठाकुर ने तंज कसते हुए लिखा, ‘बिलकुल, पटाखों पर रोक लगनी चाहिए, लेकिन दिवाली के बाद।’ नितिन सिंगला ने लिखा कि कहींं आग नहींं लगनी चाहिए। समृद्ध नामक यूजर ने सवाल उठाया कि ‘सब ज्ञान हिंदू त्योहारों पर ही याद आता है।’ भुवनेश पुरी ने लिखा कि सभी जगह रोक लगनी चाहिए। गुरदयाल ठाकुर और नागेंद्र सिंह ने भी पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की पैरवी की।
समर्थन में उठी आवाज
पटाखों पर रोक लगाने के समर्थकों ने इसे प्रदूषण और आगजनी के खतरे से जोडक़र देखा। भुवनेश पुरी ने सभी जगह रोक लगाने की बात कही, जबकि गुरदयाल ठाकुर और नागेंद्र सिंह ने भी प्रतिबंध के पक्ष में अपनी राय रखी। सीजेपी हिमाचल नामक यूजर ने लिखा कि पटाखे पूरे संसार में बंद होने चाहिएं। नितिन सिंगला की टिप्पणी भी आग लगने की घटनाओं को रोकने की जरूरत की ओर इशारा करती है।
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