लद्दाख के प्रतिनिधियों ने जाना चंबा का पर्यटन मॉडल
चंबा-लद्दाख के बीच संस्कृति और पर्यटन का संगम, चंबा के गांवों में पर्यटन की सफलता समझने पहुंचे 65 प्रतिनिधि
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-चंबा
‘चलो चंबा लर्निंग ट्रेल्स’ (लद्दाख-चंबा संस्करण 2026) कम्युनिटी टूरिज्म एक्सचेंज के तहत चंबा पहुंचे लद्दाख की शाम घाटी के 12 सीमांत गांवों के 65 से अधिक प्रतिनिधियों ने रविवार को मिस्टिक विलेज चंबा एट बरौर और मिस्टिक विलेज खजियार का अध्ययन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने समुदाय आधारित पर्यटन की विभिन्न गतिविधियों और स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के कार्यों की जानकारी हासिल की। प्रतिनिधियों ने स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की ओर से संचालित गांव की हट्टी और वूमेन कम्युनिटी किचन जैसी पहलों की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। लद्दाख के प्रतिनिधियों ने कहा कि मिस्टिक विलेज में समुदाय आधारित जिम्मेदार पर्यटन का जो व्यावहारिक मॉडल देखने को मिला है, उसे वे अपने गांवों में भी लागू करने का प्रयास करेंगे। अध्ययन दौरे के दौरान प्रतिनिधियों ने मिस्टिक विलेज खजियार में संचालित विभिन्न होमस्टे और कैंपिंग इकाइयों की व्यवस्थाओं, आतिथ्य सत्कार और स्थानीय प्रबंधन का जायजा लिया। उन्होंने ब्राह्मी देवी कुटीर, दुर्गो देवी कुटीर, इसरो देवी कुटीर, शिव सुख कुटीर, रजनी कुटीर, श्रवण कुटीर, कांता कुटीर, सुमित्रा कुटीर, कमला देवी कुटीर, शीला देवी कुटीर और धौलापीर एडवेंचर एंड कैंपसाइट का दौरा किया।
इस दौरान पर्यटकों के ठहरने, स्वच्छता, पारंपरिक साज-सज्जा और खानपान व्यवस्था की जानकारी ली। खजियार में लद्दाख के प्रतिनिधियों ने पांच प्रमुख स्वयं सहायता समूहों हिम सखी, हिमस्वाद, हिम सरोई, गाब्दिका और अमरदीप की महिलाओं व सदस्यों के साथ संवाद किया। इस दौरान दोनों पर्वतीय क्षेत्रों की जनजातीय संस्कृति, खानपान, आतिथ्य परंपराओं और स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग को लेकर अनुभव साझा किए गए। सोमवार को लद्दाख का एक दल चमीनू पहुंचेगा। वहीं, शाम चार से आठ बजे तक एचटूओ आनंदम में सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस विनिमय कार्यक्रम में लद्दाख से कोन्चोक डोकमो, पदमा कोरल, देआचेन डोलकर, गुलाम मोहम्मद, स्टैंजघ्नि डोलकर, त्सेवांग तमचोस, एशेय खामो, तांग्शन डिस्किट, पदमा चुस्किट सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल हैं। वहीं नाट आन मैप टीम से शुभम, राजेश, ज्योति, लक्ष्मण, तरुण, देवेंद्र पुरी, अमित वैद्य, एचटूओ हाउस से रेणु शर्मा, तरुण और विकास समन्वय संभाल रहे हैं।
ग्रामीण आर्थिकी को गति देता है पर्यटन
नाट आन मैप के सह-संस्थापक मनुज शर्मा ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन का मूल उद्देश्य केवल कमरा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्थानीय लोकजीवन, कला और संस्कृति को सहेजते हुए आजीविका कमाना है। खजियार में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित कम्युनिटी माडल यह साबित करता है कि जब स्थानीय महिलाएं और युवा आगे आते हैं तो पर्यटन सीधे ग्रामीण आर्थिकी को गति देता है। लद्दाख के प्रतिभागी यहां से जो सीख लेकर जाएंगे उससे हिमालयी क्षेत्रों में जिम्मेदार पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। लोगों से आग्रह है कि एचटूओ आनंदम में पहुंचें।
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